ऐसे मनाया भालू ने आजादी का जश्न देखिये वीडियो में .....

Suraksha Rajora

Updated: 06 Mar 2019, 03:44:47 PM (IST)

स्‍पेशल

बूंदी . कोटा चिडियाघर में बंद बूंदी रामगढ़ अभयारण्य के भालू को मंगलवार को वापस रामगढ़ अभयारण्य महल के पास छोड़ दिया गया है। जानकारी के अनुसार 7 नवम्बर 2018 को एक भालू रामगढ़ से निकलकर राता बरड़ा गांव में आ गया था। जहां से वन विभाग की टीम ने भालू को रेस्क्यू किया और कोटा चिडिय़ा घर ले गए थे।

 

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तब से भालू कोटा चिडिया घर में बंद था। चिडिया घर प्रशासन ने नियम विरुद्ध इस भालू को दर्शकों के प्रदर्शन के लिए रखा हुआ था। जिसका वन्यजीव प्रेमियों ने विरोध किया। लंबे समय से भालू को वापस जंगल में छोडऩे की मांग की जा रही थी, लेकिन वन विभाग ने ध्यान नहीं दिया। मंगलवार को भालू को वापस रामगढ़ महलों के पास छोड़ दिया गया।

 

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गौरतबल है कि भालू वन्य जीव अधिनियम 1972 के तहत शिड्यूल प्रथम की सूची में शामिल है। जंगल से पकड़े गए वन्यजीव को बिना किसी ठोस कारण के चिडिया घर में नहीं रखा जा सकता। वहीं दर्शकों के लिए खुले पिंजरे में रखना अधिनियम का उल्लंघन है। इससे पूर्व भी बंदी जिले के जावटी कलां गांव से एक भालू को रेस्क्यू कर चिडिया घर में रखा गया था। जिसकी भी शिकायत की थी, इसके बाद उसे रामगढ़ अभयारण्य में छोड़ा गया था। पूर्वमानद वन्यजीव प्रतिपालक ने भी इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा था।

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