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CG Farmers: मानसून आ गया पर किसानों ने अब तक नहीं शुरू की खेती… वजह जानकार हो जाएंगे हैरान

Chhattisgarh Farmers News: छत्तीसगढ़ में मानसून की शुरुआत हो गई है। कई जिलों में बारिश से तरबतर हो गया है। वहीं अब तक किसानों ने खेती की जुताई करना शुरू नहीं किया है। इस साल किसान मुसीबत में फंसे है।

बिलासपुरJul 08, 2024 / 06:03 pm

Kanakdurga jha

Chhattisgarh Farmers News
Chhattisgarh Farmers: मानसूनी बारिश शुरू होते ही राज्य भर में खरीफ फसल के लिए जुताई- बोआई का क्रम तेजी से शुरू हो गया है। इधर इसे लेकर कृषि विभाग अभी तक गंभीर नहीं है, तभी तो कृषि यांत्रिकी योजना के तहत किसानों को किराए पर मिलने वाले कृषि सहायक उपकरण नहीं मिल पा रहे हैं। इसके पीछे प्रमुख कारण विभाग के पास यूल न होना बताया जा रहा है।

जिले में औसतन दो हजार किसान उठाते हैं इस योजना का लाभ

योजना के तहत पंजीकृत या अपंजीकृत कोई भी किसान इस योजना का लाभ उठा सकता है। जिले में यूं तो पंजीकृत व अपंजीकृत किसानों की संया हजारों में है, पर इस योजना का लाभ हर साल औसतन दो हजार किसान उठाते हैं। पिछले साल भी दो हजार किसानों में किसी ने ट्रैक्टर तो किसी ने थ्रेसर किराए पर लेकर किसानी की थी। इस बार अभी तक 50 से ज्यादा किसानों ने किराए पर कृषि उपकरण लेने पंजीयन कराया है, वे इस आस में हैं कि कब विभाग के पास यूल आए और उन्हें इस सुविधा का लाभ मिले।
किसान लगातार संभाग स्तरीय कृषि यंत्री कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, इन्हें यूल न होने की बात कहते हुए लौटा दिया जा रहा है। यह स्थिति स्थित बिलासपुर जिले में ही नहीं, जांजगीर-जांपा, कोरबा, रायगढ़, सक्ती, अंबिकापुर, जीपीएम में भी है। जिससे सभी जगह के किसान परेशान हैं।
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कृषि अभियांत्रिकी योजना के अंतर्गत लघु एवं सीमांत एवं किसानों को कम किराए पर कृषि सहायक उपकरण देने का प्रावधान है, ताकि ऐसे किसान जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें खेती-किसानी में शासन की ओर से ममद मिल सके। इसके लिए किसानों को ट्रैक्टर, रोटवेटर, स्वचलित रीपर, मल्टीक्राप थ्रेसर, पैडी थ्रेसर बजार दर से काफी कम किराया दर पर प्रति घंटे के हिसाब पर दिया जाता है।
इसमें यूल कृषि विभाग का होता है, जबकि ड्राइवर किसान का। हर साल शासन की ओर से यूल के लिए अप्रैल माह में ही बजट आ जाता था, इस बार विडंबना यह है कि अभी तक इसके लिए विभाग के पास बजट ही नहीं आया है। लिहाजा किसानों को बिलासपु स्थित संभाग स्तरीय कृषि यंत्री कार्यालय से उल्टे पांव लौटना पड़ रहा है।

मेंटेनेंस न होने से कृषि उपकरण भी हो रहे खराब

शहर के नूतन चौक स्थित कृषि यंत्री कार्यालय में 7 ट्रैक्टर, 3 डोजर रनिंग कंडीशन में हैं। जबकि करीब 3 ट्रैक्टर व इतने ही ही डोजर पुराने होने व मेंटेनेंस न होने की वजह से खराब हो चुके हैं। इसके अलावा भी लगभग 50 प्रतिशत अन्य उपकरण भी कंडम हो चुके हैं। न तो उन्हें सुधारा जा रहा और न ही इसकी जगह नए उपकरण ही लाए जा रहे हैं। बतादें कि इनके मेंटेनेंस के लिए बाकायदा अलग से मेंटेनेंस हॉल इसकेे बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

योजना का पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी नहीं

किसानों को खेती-किसानी में मदद करने शासन की इस योजना का कृषि विभाग प्रचार-प्रसार भी नहीं कर रहा है। यही वजह है कि किराए में उपकरण मिलने की जानकारी ज्यादातर किसानों को है ही नहीं। जिससे उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

पिछले वर्ष ₹45 लाख बजट मिला था, इस वर्ष अब तक शून्य

कृषि अधिकारियों के मुताबिक पिछले साल किसानों को किराए पर उपकरणों को देने के लिए 45 लाख रुपए का बजट शासन की ओर से मिला था। इस बार जुलाई का महीना लग गया अभी तक एक रुपए भी नहीं आया है।

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