She News : 'पियस' ने दिखाई राह , तैयार हो गईं 8 महिला रेफरी

फुटबॉलर रहीं पियस ने कुछ अलग करने की ठानी और रेफरी का कोर्स कर प्रदेश की पहली महिला फुटबॉल रेफरी और अब वे नेेशनल रेफरी बन गई हैं। उसके बाद प्रदेश में और भी लड़कियां आगे आईं और अब प्रदेश में आठ और महिला रेफरी तैयार हो गई हैं।

By: Neeru Yadav

Published: 03 Apr 2021, 11:26 AM IST

कोमल धनेसर. भिलाई. फुटबॉलर रहीं पियस ने कुछ अलग करने की ठानी और रेफरी का कोर्स कर प्रदेश ( छत्तीसगढ़ ) की पहली महिला फुटबॉल रेफरी बन गईं। मैदान में जब लड़कों के मैच में रेफरी बनीं तो लोगों ने कहा कि लड़कों के क्षेत्र में लड़कियों का क्या काम। कई लोगों ने उनके रेफरी बनने पर सवाल उठाए, लेकिन पियस डिगी नहीं। अपने कौशल को और बेहतर कर अब वे नेेशनल रेफरी बन गई हैं। उसके बाद प्रदेश में और भी लड़कियां आगे आईं और अब प्रदेश में आठ और महिला रेफरी तैयार हो गई हैं। पिछले दिनों महिला लीग स्टेट फुटबॉल चैम्पियनशिप में पहुंची महिला रेफरी का कहना था कि पुरुष प्रधान क्षेत्र में आज भी महिलाओं को अपनी पहचान बनाने में समय लगता है, लेकिन जब वे काबिलियत साबित कर देती हैं तो धीरे-धीरे सभी का साथ मिलने लगता है।

ऊंची उड़ान की तमन्ना
पी. सुमन, कविता, अलीशा कश्यप, उमा मरकाम, मीनाक्षी नेताम बताती हैं कि पियस को देख उन्हें भी हिम्मत मिली और वे इस क्षेत्र में आ गईं। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल में रेफरी बनना है, ताकि दूसरी लड़कियां भी क्षेत्र में आगे आ सकें।

शादी के बाद पति ने बढ़ाया हौसला
रायपुर की आकांक्षा सोनी भी रेफरी हैं। पिछले साल ही उनकी शादी हुई। उनके काम में पति और ससुराल वालों का पूरा सहयोग रहता है। आकांक्षा बताती हैं कि उनके पति भी अच्छे फुटबॉलर है, इसलिए इस खेल और कॅरियर को अच्छी तरह समझते हैं।

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