बेजुबां परिंदों के चुग्गे पर कोरोना का साया!

- शहर के प्रमुख चुग्गा पॉइंट पर चुगा डालने कम संख्या में पहुंच रहे लोग।
- छतों से खाली पेट उठ रहे परिंदे।

Gaurav Saxena

23 Mar 2020, 07:15 PM IST

सीकर. लॉकडाउन के चलते लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है। जिसका असर बेजुबां परिंदों के चुग्गे पर भी पड़ रहा है। शहर के बड़े चुग्गा पॉइंटों पर काफी कम संख्या में लोग पहुंच रहे हैं जिससे उनके चुग्गों का संकट को चला है।
लॉकडाउन से पहले जा लोगों ने अपने लिए घरों में सामान जुटा लिया वहीं बेजुबान परिंदों का ख्याल रखना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। शहर के करीब आधा दर्जन बड़े चुका पॉइंट पर अब चिडिय़ा, तोते, कबूतर आदि पक्षी खाली पेट ही उठ रहे हैं। उन्हें पर्याप्त दाना नहीं मिल पा रहा है। अगर यही हाल रहा तो संकट और भी बढ़ सकता है।


शहर के प्रमुख चुग्गा पॉइंट
*गोपीनाथ मंदिर
*बावड़ी क्षेत्र पुरानी कोतवाली
*गढ़ क्षेत्र
*सुभाष चौक
*धर्माणा
*बूच्याणी
नेहरू पार्क


सुभाष चौक में करीब 1000 घोंसले
सुभाष चौक में गोपीनाथ मंदिर के सामने स्थित बड़े बड़ व मंदिर के पीपल समेत आस-पास करीब पक्षियों के करीब 1000 से अधिक घोंसले बने हुए हैं। यहां से रोज सुबह पक्षी चुग्गे के लिए निकलते हैं। गौरतलब है कि यहां पर अधिकांशत: कबूतर और तोतों के ही घोंसले हैं। अब इनको पर्याप्त मात्रा में दाना नहीं मिल पाने के कारण रात को यह आवाज करते हैं।


मंदिरें बंद तो नहीं पहुंच पा रहा स्टॉक भी
लॉकडाउन के चलते मंदिर बंद होने कारण लोग मंदिरों में चुग्गा भी नहीं पहुंचा पा रहा है। गोपीनाथ मंदिर में सोमवार सुबह चुग्गा डालने के बाद तीन बोरी चुग्गा जरूर शेष था। यहां के महंत बताते हैं कि इससे आगे अब संकट हो सकता है।


सब को भूख लगती है
भूख तो सबको लगती है। परिंदों के लिए इस संकट की घड़ी में सोचना चाहिए। भले ही लोग घरों से नहीं निकलें लेकिन कोई इंतजाम जरूर होने चाहिए।
- महंत सुरेंद्र गोस्वामी, गोपीनाथ मंदिर

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