भ्रष्टाचार: एसीबी के जाल में फंसे बारां कलक्टर, पद से हटाए

एसीबी के एएससी ठाकुर चन्द्रशील का कहना है कि रिश्वत मामले में बारां जिला कलक्टर की सीधी संलिप्तता मिली है। रिश्वत मामले में अनुसंधान जारी है। रंगेहाथों पकड़े गए कलक्टर के पीए ने पूछताछ में यह बताया है कि उन्होंने 1 लाख रुपए कलक्टर के लिए और 40 हजार रुपए खुद के लिए रिश्वत में लिए हैं।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 10 Dec 2020, 01:24 AM IST

कोटा. भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और बारां जिला कलक्टर इन्द्र सिंह के निजी सहायक महावीर नागर को 1 लाख 40 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद एसीबी ने आईएएस इन्द्र सिंह पर भी शिकंजा कस लिया है। उन्हें भी आरोपी बनाकर जल्द गिरफ्तारी की जा सकती है। एसीबी, कोटा के एएससी ठाकुर चन्द्रशील का कहना है कि रिश्वत मामले में बारां जिला कलक्टर की सीधी संलिप्तता मिली है। रिश्वत मामले में अनुसंधान जारी है। रंगेहाथों पकड़े गए कलक्टर के पीए ने पूछताछ में यह बताया है कि उन्होंने 1 लाख रुपए कलक्टर के लिए और 40 हजार रुपए खुद के लिए रिश्वत में लिए हैं। वहीं कलक्टर की संलिप्तता की बात सामने आने के बाद आईएएस इन्द्र राव को राज्य सरकार ने कलक्टर के पद से हटाकर एपीओ कर दिया है।
इंद्र सिंह छठी बार एपीओ हुए हैं। एक बार उन्हें निलम्बित भी किया जा चुका है। वे आरएएस सेवा से पदोन्नत होकर आईएएस बने हैं। उन्हें सबसे पहले डिप्टी सेक्रेटी ऑफ गवर्नमेंट जीएडी रहने के दौरान 25 नवम्बर 2011 को एपीओ किया गया था। इससे पहले उन्हें तीन और बार एपीओ तथा एक बार निलम्बित भी किया गया। हर बार वे राजनीतिक रसूखात से वापस कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किए गए। बारां में जिला कलक्टर के रूप से नियुक्त किए जाने से पहले राव राजस्व मंडल अजमेर एवं नगर निगम में पदस्थ रह चुके हैं। रात 11 बजे तक एसीबी की टीम राव से उनके कार्यालय कक्ष में पूछताछ कर रही थी। बारां कलक्टर इन्द्रसिंंह राव इससे पहले अजमेर में तत्कालीन नगर परिषद में आयुक्त, अजमेर की तत्कालीन यूआईटी में सचिव, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर में ओएसडी (परीक्षा), राजस्व मंडल में सदस्य, अजमेर में एडीएम (भूरूपांतरण) तथा पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री सचिन पायलट के ओएसडी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

एनओसी जारी करने के एवज में ली गई रिश्वत

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक भगवानलाल सोनी ने बताया कि एसीबी की कोटा यूनिट को परिवादी ने शिकायत दी थी। बारां कलक्टर का पीए पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने के एवज में 2 लाख 40 हजार रुपए की रिश्वत की मांग करके परेशान कर रहा था। इस शिकायत पर एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। इसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील और उनकी टीम ने कार्यवाही करते हुए पीए महावीर नागर को 1 लाख 40 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी महावीर नागर ने 1 लाख रुपए बारां कलक्टर के लिए और 40 हजार रुपए खुद के लिए लेना बताया। आरोपी के निवास और उसके अन्य ठिकानों की भी तलाश की जा रही है।

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