शारीरिक शिक्षक अनुदेशक ग्रेड सेकंड और थर्ड की भर्ती किए जाने की मांग

बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
राजस्थान विश्वविद्यालय में किया प्रदर्शन
शारीरिक शिक्षक अनुदेशक ग्रेड सेकंड और थर्ड की भर्ती किए जाने की मांग
दी आंदोलन की चेतावनी

By: Rakhi Hajela

Updated: 15 Sep 2020, 07:56 PM IST

बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
राजस्थान विश्वविद्यालय में किया प्रदर्शन
शारीरिक शिक्षक अनुदेशक ग्रेड सेकंड और थर्ड की भर्ती किए जाने की मांग
दी आंदोलन की चेतावनी


शारीरिक शिक्षक भर्ती की जाने की मांग को लेकर आज बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया द्य उन्होंने शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शारीरिक शिक्षकों की भर्ती शुरू किए जाने की मांग कीद्य बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों का कहना था कि यदि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे द्य उनका कहना था कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अनुसार शारीरिक शिक्षकों के वर्तमान में प्रारंभिक शिक्षा में ग्रेड थर्ड के 3517 और माध्यमिक शिक्षा ग्रेड सेकंड के 660 और ग्रेड थर्ड में 1676 पद खाली पड़े हैं । इसके बाद भी सरकार इन पदों पर भर्ती नहीं कर रही। बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने कहा 25 दिसंबर 2019 को शिक्षा विभाग में कुल 34000 पदों की भर्ती की घोषणा की गई थी ए जिसमें 31000 पद और 3000 कक्षा का पद शामिल हैंए लेकिन शारीरिक शिक्षकों का कोई पद शामिल नहीं है । उन्होंने सरकार पर शारीरिक शिक्षकों के साथ दोहरा व्यवहार करने का आरोप भी लगाया । उनका कहना था कि शारीरिक शिक्षक शिक्षा विभाग का ही एक अंग हैंएलेकिन सरकार उनके साथ फिर भी दोहरा व्यवहार कर रही है और उनकी अवहेलना कर रही है । बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने कहा कि जब जब जब कांग्रेस ने सत्ता संभाली है तब तक शारीरिक शिक्षकों को विद्यालय में महत्वपूर्ण स्थान देते हुए सेकंड और थर्ड ग्रेड की भर्ती की । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही शारीरिक शिक्षक अनुदेशक ग्रेड सेकंड और थर्ड की भर्ती की जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ । उन्होंने सरकार से मांग की कि रिक्त पदों की अनुशंसा लेकर जल्द से जल्द सेकंड ग्रेड और थर्ड ग्रेड शारीरिक शिक्षक अनुदेशक की भर्ती की जाए ।

राजस्थान यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष को दिया ज्ञापन

अभ्यार्थियों ने अपनी मांग को लेकर राजस्थान विवि की अध्यक्ष पूजा वर्मा को भी ज्ञापन दिया। उनका कहना था कि
पीटीआई भर्ती 2018 की मुख्य परीक्षा 30 सितंबर 2018 को आयोजित की गई थी, जिसमें 4573 व्यक्तियों ने फॉर्म भरा इसमें से १93 अभ्यार्थियों को 1.5 गुणा में शामिल किया गया। भर्ती नियमों के अनुसार डिग्री 30 सितंबर 2018 तक मांगी गई थी लेकिन अध्यनरत अभ्यर्थियों की डिग्री 30 सितंबर 2018 के बाद में आई। एेसे में दस्तावेज सत्यापन के समय उपरोक्त अभ्यार्थियों के पास डिग्री थी फिर भी इन्हें अपात्र माना गया और इसी नियम के विरुद्ध जाकर बोर्ड ने कुछ अभ्यर्थियों को पात्र मानकर नियुक्ति दे दी।

Rakhi Hajela Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned