क्या आपके आसपास भी हैं कोई रिश्ता आंटी?

Ekktta Sinha

Publish: Oct, 13 2017 03:00:29 (IST)

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क्या आपके आसपास भी हैं कोई रिश्ता आंटी?

भारत में शादी सिर्फ दो लोगों के बंधन में बंधने का रिश्ता नहीं, बल्कि एक धर्म है तभी तो राहुल गांधी और सलमान खान की शादी देश में सबसे बड़ा मुद्दा है।

आपकी मामी, चाची, बुआ, उनकी शादीशुदा बेटियां, बेटियों की ननदें, सास और दूसरे रिश्तेदार सभी को आपकी शादी की चिंता है। अब आप कहेंगे कि आपकी शादी से इनका क्या लेना देना। अरे साहब, गजब बात कर दी आपने। रिश्तेदार हैं, तो चिंता तो उन्हें करनी ही पड़ेगी। वैसे भी हम भारत में रहते हैं, जहां दूसरों की शादी और बच्चों की चिंता करना धर्म और संस्कृति का हिस्सा है। ध्यान से देखें और सोचें, तो हम सबके आसपास एक रिश्ता आंटी रहती हैं। जो धरती पर सिर्फ दूसरों की शादी कराने का मिशन लिए आई हैं। जो राह चलते या लिफ्ट में भी किसी अंजान तक की शादी में अपनी भूमिका फिट करने के प्रयास से नहीं चूकतीं। क्या करें, साउथ एशियन सोसाइटीज की स्थिति इस मामले में सब जगह एक-सी ही है। शादी के नाम पर लड़कियों को इमोशनली ब्लैकमेल किया जाता है। उन्हें अपनी पसंद के लड़के से शादी करने को मजबूर किया जाता है। लड़के भी दबाव की मार से बच नहीं पाते। मिशन शादी का झंडा लिए इन लोगों ने तो जिम कार्बेट को भी नहीं छोड़ा। कार्बेट भारत के जंगलों का भ्रमण कर रहे थे। उस दौरान उनकी मुलाकात अक्सर ग्रामीण औरतों से होती रहती थी। और एक रिश्ता आंटी भी उन्हें मिल ही जाती थीं, जो इन सवालों की बौछार करती, शादी हुई है या नहीं? अगर नहीं तो क्यों? पहले कार्बेट को यह बात अजीब लगती थी। उन्हें लगता था कि यह सब हमारा निजी मामला है, इससे दूसरों का क्या लेना-देना। फिर उन्हें समझ आ गया कि भारत में शादी कभी भी निजी मामला नहीं है। यह आपके न सिर्फ घर-परिवार का बल्कि पूरे देश का मामला है। जिसकी चिंता में हर कोई घुला जा रहा है।
कार्बेट की बात में दम है। निजी अनुभवों से कहूं तो मुझे शादी कर लेनी चाहिए, इसकी सलाह उन्होंने भी दी, जिन्होंने भीष्म पितामह की तरह आजीवन शादी न करने का प्रण लिया है। वैसे सिर्फ शादी ही टेंशन नहीं, अरेंज्ड मैरिज करें, इस पर भी सभी का पूरा जोर रहता है।
हमारा प्यारा पड़ोसी मुल्क भी इस अरेंज्ड मेरिज के प्रेशर से बच नहीं पाया। तभी तो न्यूयॉर्क बेस्ड पकिस्तानी एक्सपेरिमेंटल डिजाइनर नाशरा बालागामवाला ने बड़ा ही दिलचस्प तरीका इससे निपटने का ढूंढ़ा है। इस मुद्दे को बड़े स्तर तक उठाने के लिए उन्होंने एक बोर्ड गेम तैयार किया है। इसमें एक रिश्ता आंटी एक लड़की की शादी कराने की हर संभव कोशिश करती हैं, लेकिन लड़की शादी को टालती रहती हैं। इस गेम में लड़की तब तक शादी नहीं करती, जब तक सही व्यक्ति की तलाश पूरी नहीं होती।
इस गेम की सफलता से जो पैसा आएगा, उससे नाशरा पाकिस्तान के बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करेंगी। कमाल बहन, तूने तो कइयों की दुआ एक गेम बनाकर ले ली। जहां हम बिना मुंह खोले उन्हें बता सकते हैं कि शादी का रिश्ता किसी शादी आंटी के अनुभव, रिश्तेदारों के दबाव और घरवालों की इमोशल ब्लैकमेलिंग से नहीं बन सकता। उसे निभाने के लिए साथ, सम्मान और रजामंदी तीनों की जरूरत होती है।

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