गल्र्स नॉट ब्राइड्स राजस्थान नेटवर्क में किशोरियों ने लिया भाग

 

राजस्थान में दस वर्षो में आई बाल विवाह में तेजी से गिरावट

By: Nishi Jain

Published: 18 Dec 2018, 03:26 PM IST

 

 

राजस्थान की सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभिन्न संभागों की किशोरियों ने एक साथ मिलकर बालविवाह का अंत करने के लिए भारत में पहले राज्य स्तरीय नेटवर्क गल्र्स नॉट ब्राइड्स के का आगाज जयपुर में हुआ। लम्बे समय से राजस्थान की संस्थाओं अपने स्तर पर बालविवाह के मुद्दे पर कार्य कर रही है। लेकिन अप्रेल 2017 से बाल विवाह के मुद्दे पर प्रभावी रूप से कार्य करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता को महसूस किया और इसी परिदृश्य में सबने मिलकर गल्र्स नॉट ब्राइड्स राजस्थान नेटवर्क बनाया है।इस कार्यक्रम में राजस्थान की 40 सामाजिक संस्थाओं एवं विभिन्न संभागों से आये 150 से ज्यादा किशोरियों सहित 250 से ज्यादा सहभागियों ने भाग लिया।किशोरियों की कहानी ने किया प्र्रेरित कार्यक्रम के दौरान किशोरियों ने सामूहिक स्वर में कहा कि 'वी आर गल्र्स नॉट, ब्राइड्स- 'हम लड़कियां है, बहुएं नहीं। कार्यक्रम के दौरान किशोरियों ने 'बेटी हूं मैं बेटी मैं तारा बनूंगी, 'जागो जागो रे ओ सोने वालों, बेटी को बोझ तुम कभी ना मानो, गीत गा रहें है आज हम गीतों को गाया। कार्यक्रम स्थल पर किशोरियों के संघर्ष की कहानियों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

राजस्थान से शुरू बालविवाह पर कार्यवाही

गल्र्स नॉट ब्राइड्स राजस्थान के समन्वयक अरविन्द ओझा ने कहा कि हाल ही में बालविवाह पर जारी राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के 100 चिन्हित जिलों में से राजस्थान के 10 जिलों में बालविवाह अधिक मात्रा में प्रचलित है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान देश का पहला राज्य है जिसने 2016 में बालविवाह का अंत करने के लिए रणनीतिक कार्यवाही योजना बनाई। इस परिदृश्य में गल्र्स नॉट ब्राइड्स राजस्थान इस योजना को हकीकत में तब्दील करने के लिए एक प्रभावी समूह के रूप में कार्य करेगा। साथ ही इस मुहिम में ज्यादा से ज्यादा सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों को जोडेगा।गल्र्स नॉट ब्राइड्स की ग्लोबल सीईओ लक्ष्मी सुन्दरम् ने कहा कि मुझे खुशी है कि राजस्थान पहली स्टेट पार्टनर शिप बन गई है। उन्होंने आगे कहा कि बालविवाह के लिए गल्र्स नॉट ब्राइड्स एक वैष्विक अभियान है। आर्कबिषप डेसमण्ड टूटू की अध्यक्षता में जून 2011 में अदीसाबाब (इथोपिया) में गठित वैष्विक सहभागिता ने पूरी दुनिया से बालविवाह समाप्त करने के लिए यह अभियान आरंभ किया। इन प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ के स्थाई विकास लक्ष्यों (एसडीजी 2015-30) में बालविवाह समाप्ति को प्रमुखता मिली।

 

कई देश भी जुटे बालविवाह की जंग में

गल्र्स नॉट ब्राइड्स की एशिया प्रमुख शिप्रा झा ने कहा कि एशिया के लगभग सभी देशों में बालविवाह एक बड़ा मुद्दा है। ऐसे में नेपाल और बांग्लादेश में राष्ट्र स्तरीय गल्र्स नॉट ब्राइड्स पार्टनरशीप का गठन हुआ है, जिसने इन दोनों देशों में बालविवाह के मुद्दे को लेकर राष्ट्र स्तर पर नीतियों में बदलाव में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अनुभव को देखते हुए हमें विश् वास है कि यह नेटवर्क राजस्थान में भी बालविवाह को खत्म करने में सकारात्मक, सक्रिय एवं साझा प्रयास करेगा।

 

एक साथ होंगे तो बालविवाह का अंत

हीकार्यक्रम के दौरान 'लड़कियों की आवाज़ पैनल में विभिन्न संभागों से आई प्रतिनिधि किशोरियों ने बालविवाह से जुड़े सामाजिक पहलुओं, उनके संघर्षों, चुनौतियों और बदलावों संबंधित अनुभवों को साझा किया। एक्सपर्ट प्रतिनिधियों के पैनल में यूनिसेफ, यूनएफपीए, विकास अध्ययन केन्द्र और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखे। इसी कड़ी में यूनिसेफ की राजस्थान प्रमुख इसाबेला ने राजस्थान सरकार के प्रयासों को सहराते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए खुशी की बात है कि मिछले 10 वर्षों में तेजी से बालविवाह कम हो रहा है। फिर भी साकाजिक संस्थाओं को एक साथ आने की महत्ती जरूरत है, जमीनी स्तर पर बदलाव लाने के लिए।

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