स्वस्थ जीवन के लिए अच्छी नींद जरूरी

संदर्भ- वल्र्ड स्लीप-डे

By: Rakesh Gandhi

Published: 13 Mar 2020, 08:22 PM IST

राकेश गांधी

राजसमंद. सोना सेहत के लिए बहुत जरूरी है। वर्तमान की भागदौड़ भरी जिन्दगी में आम इंसान को सोने के लिए समय निकालना पड़ रहा है। इसके बावजूद उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती, नतीजतन कई तरह की बीमारियों ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया है। चिकित्सक मानते हैं कि एक सामान्य इंसान को आठ घंटे सोना ही चाहिए। उम्र के हिसाब से ये नींद कम या ज्यादा हो सकती है।
पेशेवर लोगों में नींद पूरी न हो पाने की दिक्कत ज्यादा रहती है। कई बार तो ये लोग दो-दो दिन नहीं सो पाते। ऐसे में उन्हें सिर दर्द, उच्च रक्तचाप, अनिद्रा, डिप्रेशन जैसी कई बीमारियां सताने लगती है। एक तरह से वे पूरी तरह दवाओं पर निर्भर रहने लगते हैं। पर्याप्त नींद लेने वालों को अक्सर दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती। आज विश्व की चालीस फीसदी जनसंख्या नींद पूरी न होने के कारण उत्कृष्ट व स्वस्थ जीवन से कोसों दूर हैं। पहला वल्र्ड स्लीप-डे वर्ष 2008 में 14 मार्च को मनाया गया था। इसका उद्देश्य आम जनता को नींद के महत्व को समझाना था। वल्र्ड स्लीप सोसाइटी द्वारा इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर व पर्याप्त नींद के प्रति जागरूक करना है। इसके लिए हर साल नए-नए सुविचार जारी किए जाते हैं। वर्ष 2020 के लिए 'बेटर स्लीप, बेटर लाइफ, बेटर प्लानेटÓ कोट जारी किया गया है। इससे स्पष्ट है कि पूरे विश्व में नींद को लेकर काफी जागरूकता आई है।
बहुत जरूरी है नींद
चिकित्सकों का मानना है कि भागमभाग वाली जिन्दगी में हर व्यस्त इंसान को एक बेहतर व पर्याप्त नींद जरूरी है। नींद न आने से इंसान चिड़चिड़ा हो जाता है। उसकी दर्द सहने की क्षमता क्षीण होती जाती है। इसके अलावा भी कई तरह की बीमारियां घर करने लगती है। खासतौर से अनिद्रा रोग (इन्सोम्निया) रोग से भविष्य में कई घातक बीमारियों की आशंका उत्पन्न होने लगती है।
टारगेट का तनाव व नींद
चिकित्सकों का मानना है कि वर्तमान में पेशेवर लोगों के साथ ही आम नौकरशाहों पर भी टारगेट का दबाव रहता है। ऐसे में नींद उनसे कोसों दूर भागने लगती है। वे सोने के लिए समय निकालते भी हैं तो उन्हें नींद नहीं आती। एक तरह से ये इन्सोम्निया रोग ही होता है। ऐसे लोगों को योग व ध्यान साधना करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि उन्हें बेहतर नींद आ सके। कई बार कार्यालय दिवस में कुछ मिनटों की झपकी लेना भी स्वास्थ्य के लाभकारी साबित होती है।

नकारात्मक विचारों से दूर रहें
'एक सामान्य इंसान के लिए आठ घंटे नींद जरूरी है। भागदौड़ भरी जिन्दगी, तनाव, पारिवारिक प्रतिकूल परिस्थितियों को चलते कई बार आदमी सो नहीं पाता। ऐसे में हमेशा नकारात्मक विचारों से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए। तनावग्रस्त रहने से आदमी सोता भी है, पर उसे नींद नहीं आती। एक तरह से ऐसे लोग इन्सोम्निया के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में हर इंसान को जल्दी सोना व जल्दी उठना चाहिए, साथ ही योग व ध्यान आदि करने के साथ ही अपने परिवार को पूरा समय देना चाहिए।Ó
- डा. कृपाशंकर झिरवाल

Rakesh Gandhi Editorial Incharge
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