जीका के डंक से भी नहीं टूटी सरकार की नींद

chandra shekar pareek

Publish: Oct, 14 2018 01:58:42 AM (IST)

स्‍पेशल

जयपुर में जीका वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसे लेकर प्रदेश ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर चिंता फैल रही है। केन्द्र और राज्य का स्वास्थ्य महकमा इसके प्रकोप को रोकने के लिए हरसंभव कोशिश करने की दलील दे रहा है। लेकिन, जहां जीका का सबसे पहला मरीज मिला, उसी शास्त्रीनगर में स्थिति जस की तस बनी हुई है। शास्त्रीनगर के गली-मोहल्ले तो दूर, खुद कांवटिया अस्पताल में गंदगी का बोलबाला है। अस्पताल ही नहीं, उसके आस-पास के क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बिल्कुल चरमराई हुई है। इससे उस क्षेत्र में जीका के प्रकोप का खौफ बढ़ता जा रहा है।

कचरे के ढेर, टूटी पाइपलाइन
शास्त्रीनगर और आस-पास के इलाकों से आमजन इलाज के लिए कांवटिया अस्पताल आते हैं, लेकिन कांवटिया अस्पताल में सफाई की व्यवस्था नाकाफी नजर आती है। अस्पताल के मुख्य द्वार पर कचरे के लगे ढेर हो या अस्पताल में जगह-जगह टूटी पाइपलाइन। इन सबसे मच्छरों और वायरस जनित रोगों को बढ़ावा मिल रहा है।
समीक्षा बैठक की

जीका को लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता की अध्यक्षता में शनिवार को स्वास्थ्य भवन में समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान वार्डवार समीक्षा की तथा लापरवाही बरतने पर गंभीर कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. वी.के. माथुर सहित स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम आयुक्त सोनिया अग्रवाल सहित आदि मौजूद थे।

-- ५५ में से ३८ अब स्वस्थ

शास्त्री नगर क्षेत्र में शनिवार को 276 टीमों ने निरीक्षण किया। इस दौरान 11313 घरों के सर्वे में से 2282 में पाए लार्वा को नष्ट किया। 39246 कंटेनर्स जांच में से 3567 में मिले लार्वा को भी नष्ट कराया गया। 58 गर्भवती महिलाओं व 75 बुखार प्रभावितों सहित 133 सैंपल लेकर एसएमएस जांच के लिए भिजवाए। वर्तमान में जीका इंफेक्टेड पाए गए 5५ में से उपचार के बाद 38 पूरी तरह स्वस्थ्य बताए गए हैं।

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