अमेजन के विशाल वर्षावन कार्बन सोखने की बजाय छोडऩे लगें तो क्या होगा?

-पहली बार अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कहा, वनों की कटाई नहीं रुकी तो बदल जाएगा अमेजन का मिजाज

By: pushpesh

Published: 18 Mar 2021, 12:17 AM IST

अमेजन के वर्षावनों को पृथ्वी के फेफड़ों की संज्ञा इसलिए दी जाती है कि क्योंकि वह धरती पर मौजूद कुल ऑक्सीजन का 22 फीसदी हमें देते हैं और बड़ी मात्रा में कार्बन को अवशोषित करते हैं। लेकिन फ्रंटियर्स इन फॉरेस्ट एंड ग्लोबल चेंज नामक जर्नल में प्रकाशित एक शोध ने चिंताजनक भविष्यवाणी की है। शोध के मुताबिक आने वाले वर्षों में यदि अमेजन के वर्षावनों की कटाई और आग की घटनाएं कम नहीं हुई तो ये वर्षावन कार्बन अवशोषित करने से ज्यादा उत्सर्जित करने लगेंगे। शोध में बताया गया है कि वनों की कटाई, आग की घटना और जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षावनों से मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड जैसी ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ जाएगा, जो कार्बनडाइ ऑक्साइड सोखने की क्षमता से कहीं अधिक होगा। अमेजन में गैसों की उत्सर्जन की आशंका से जुड़ी ये पहली रिपोर्ट है।

ये हैं आशंका के आधार
वैश्विक जलवायु परिवर्तन के अलावा लकड़ी की कटाई और परिवहन से नाइट्रस ऑक्साइड का उत्सर्जन बढ़ सकता है। आग की घटनाओं से काला कार्बन बढ़ेगा। वनों की अंधाधुंध कटाई से वर्षा प्रणाली में बदलाव होगा और वनों के बीच पशुपालन और खेती बाड़ी के कारण मीथेन गैस का उत्सर्जन बढ़ सकता है। ये सभी ग्रीन हाउस गैस अवशोषित करने की प्रक्रिया को बदल सकती हैं।

समाधान भी है
अध्ययन के सह लेखक फिओना सोपर का कहना है कि वैश्विक कार्बन उत्सर्जन रोकने के साथ ही वनों की कटाई पर प्रभावी अंकुश लगाया जाना चाहिए। अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाने चाहिए और बांधों के निर्माण पर रोक लगाई जाए।

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