2020 में एशिया महाद्वीप होगी दुनिया की सबसे बड़ी जीडीपी

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WORLD ECONOMIC FORAM) ने 153 देशों में राजनीति, आर्थिक व्यस्था, स्वास्थ्य, जेंडर गैप और शिक्षा के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है।

By: Mohmad Imran

Published: 06 Jan 2020, 08:53 PM IST

साल 2020 में एशिया का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) विश्व की संयुक्त जीडीपी को पछाड़ देगा। इतना ही नहीं 2030 तक एशिया महाद्वीप के वैश्विक विकास में लगभग 60 फीसदी योगदान करने की उम्मीद है। एशिया-प्रशांत (ASIA-PACIFIC) क्षेत्र का 80 फीसदी हिस्सा दुनिया के 240 करोड़ (2.4 बिलियन) मध्यम वर्गीय परिवारों का घर होगा। इस वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा चीन, भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया (SOUTH-EAST ASIA) के विकासशील बाजार होंगे। जिन पर यह दबाव होगा कि वे एशिया के विकास को नए रूप में परिभाषित करें।

2020 में एशिया महाद्वीप होगी दुनिया की सबसे बड़ी जीडीपी

ये अनुमान उपभोक्ता वृद्धि में बड़े पैमाने पर वृद्धि दर्शाते हैं। विश्व आर्थिक मंच (WORLD ECONOMIC FORAM) के फ्यूचर-इन फास्ट-ग्रोथ कंज्यूमर मार्केट्स के अनुसार चीन (CHINA) की तेजी से बूढ़ी होती आबादी इस लाभांश को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगी। लेकिन इसी अनुपात में बढ़ती मजदूरी, शहरी प्रवास, नौकरियों और घरेलू बचत दरों में प्रत्याशित गिरावट से खपत में वृद्धि होगी। वहीं भारत का बड़े पैमाने पर जनसांख्यिकीय लाभांश और मध्यम वर्ग उपभोग और आर्थिक विकास में सहायता करेगा। इस बीच इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया जैसे अन्य एशियाई देश अपने श्रमबल के बूते दौड़ में बने रहेंगे जिससे प्रति व्यक्ति बचत में वृद्धि हुई है।

2020 में एशिया महाद्वीप होगी दुनिया की सबसे बड़ी जीडीपी

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था होंगी प्रमुख नेतृत्व की भूमिका में
एशिया क्षेत्र में जो प्रवृत्ति सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी वह है स्थानीय और अस्थिर व्यवसाय जो बाजार में उथल-पुथल बढ़ाकर उसे बाधित करते हैं। यह प्रवृत्ति विकसित और विकासशील बाजारों में एक समान दिखाई देती है। उदाहरण के लिए इंडोनेशिशई कंपनी वर्धा का सौंदर्य बाजार के 30 फीसदी हिस्से पर कब्जा है। स्थानीय संपत्तियां, परिवार का सहयोग और मौसम के बारे में पीढिय़ों पुरानी जानकारी भी इसमें महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं एशियाई बहुराष्ट्रीय निगम का उद्भव भी अपना प्रभाव डालेगा। प्रौद्योगिकी में चीनी कंपनी हुआवेई (HUAWEI), बैंकिंग में डीबीएस, निजी देखभाल में यूनिचार्म व काओ जैसे बहुराष्ट्रीय निगम बाजार पर अपनी छाप छोड़ेंगे। 2019 तक एशिया में 140 से अधिक स्टार्ट-अप (START UPS) के साथ आंत्रप्रिन्योरशिप (entrepreneurship) अपने चरम पर है। वहीं चीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (artificial intelligence) और डीप लर्निंग (deep learning) क्षेत्र में सबसे अधिक पेटेंट (patents) सुरक्षित करवा रहा है।

2020 में एशिया महाद्वीप होगी दुनिया की सबसे बड़ी जीडीपी

गरीबी दूर करना होगा प्राथमिकता
एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विकासशील देशों में सरकारें गरीबी को दूर करने के लिए बुनियादी ढांचे की कमी दूर करने पर गहनता से काम कर रही हैं। गरीबी दूर करना एशिया महाद्वाप के विकासशील देशों के राष्ट्रीय ऐजेंडे में सबसे ऊपर है। इतना ही नहीं वे विश्व के साथ डिजिटल दुनिया की दौड़ में भी शामिल हैं। डिजिटल और चौथी औद्योगिक क्रांति (fourth industrial revolution) मौजूदा नौकरियों में आमूल-चूल परिवर्तन करेंगी और विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियों की प्रकृति व वितरण प्रक्रिया भी काफी हद तक बदल जाएगी। उदाहरण के लिए बूढ़ी होती आबादी के कारण स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में रोजगार बढऩे की उम्मीद है। वहीं विनिर्माण, परिवहन और भंडारण जैसे गहन-श्रम वाले क्षेत्रों में ऑटोमेशन (automation) के परिणामस्वरूप रोजगार में कमी देखी जा सकती है। अकेले एशियान देशों के 5.3 करोड़ श्रमिकों को पुन: औद्योगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

2020 में एशिया महाद्वीप होगी दुनिया की सबसे बड़ी जीडीपी

राजनीतिक स्थिरता है नया दांव
राजनीतिक स्थिरता और इसके पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सरकारों और गैर-सरकारी संगठनों के एजेंडों में नए एजेंडे के रूप में शामिल हैं। निवेशकों की भूमिका भी अहम होगी। एशिया-प्रशांत में कई बड़े निवेशकों ने प्राथमिक उद्योगों जैसे तेल और गैस, खनन और कृषि वस्तुओं से दूरी बनानी शुरू कर दी है क्योंकि इनसे पर्यावरण और सामाजिक आवश्यकताओं जैसे मुद्दे जुड़े हुए हैं।

2020 में एशिया महाद्वीप होगी दुनिया की सबसे बड़ी जीडीपी

ये सुधार भी हैं जरूरी
लेकिन आने वाले आर्थिक परिवर्तनों से पहले एशियाई देशों की सरकारों को कुछ चीजें ठीक करने की भी आवश्यकता है। इसमें व्यापार और निवेशकों के अनुकूल सुधार सबसे जरूरी हैं। सामाजिक और वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने, कठिन और सरल बुनियादी ढांचे में निवेश करने और सार्वजनिक-निजी भागीदारी स्थापित करने की आवश्यकता होगी। प्रतिस्पर्धी और मुख्य रूप से कुशल कार्यबल सुनिश्चित करने के लिए उन्हें शिक्षा में सुधार करने की आवश्यकता होगी। अगर ये सुधार व्यवहारिक रूप से लागू होते हैं तो आगामी सालों में एशिया को दुनिया की सबसे बड़ी जीडीपी वाली अर्थव्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता। दक्षिण-पूर्व एशिया का विकास बहुत हद तक इस पर निर्भर करेगी।

2020 में एशिया महाद्वीप होगी दुनिया की सबसे बड़ी जीडीपी
Mohmad Imran
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned