छतरपुर में 14 लाख कैश, 1 किग्रा सोना, डेढ़ किग्रा चांदी सहित करोड़ों की संपत्ति मिली

Neeraj Soni

Updated: 17 Oct 2019, 06:00:00 AM (IST)

स्‍पेशल

छतरपुर। इंदौर में पदस्थ छतरपुर निवासी सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे के पैतृक घर और यहां के बैंक लॉकरों व खातों से लोकायुक्त सागर की टीम ने लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात, लाखों रुपए का कैश सहित करोड़ रुपए कीमत के मकान-जमीन के दस्तावेज बरामद करने में कामयाबी पाई है। लगातार 26 घंटे तक चली छापामार कार्रवाई पूरी करने के बाद बुधवार को सुबह 6 बजे लोकायुक्त सागर की १२ सदस्ययी टीम छतरपुर से रवाना हुई। सागर की लोकायुक्त टीम ने आलोक खरे के सटई रोड स्थित सी-निट्स कॉलोनी वाले पैतृक मकान पर मंगलवार की सुबह ४ बजे छापा मार कार्रवाई शुरू की थी। इसके एक दिन पहले पूरी टीम छतरपुर पहुंची गई थी। मंगलवार की देर रात तक टीम बैंक लॉकरों को खंगालती रही। इसके बाद बरामद संपत्ति का आंकलन कर सुबह 6 बजे टीम वापस रवाना हुई।
लोकायुक्त टीम ने इंदौर के सहायक आयुक्त आबकारी आलोक कुमार खरे के सी-निट्स कॉलोनी स्थित पैतृक घर में छापामार कार्रवाई की थी। यहां आलोक खरे के पिता पूर्व प्राचार्य पिता लालजी खरे और उनकी पत्नी ही रहते हैं। सुबह 4 बजे 12 सदस्यीय टीम के पहुंचते ही खरे दंपती परेशान हो गए थे। टीम को घर में लालजी खरे और उनकी पत्नी ज्ञानदेवी मिलीं थी। सुबह से देर रात तक चली इस कार्रवाई के दौरान टीम को घर से 40 तोला सोने और डेढ़ किलो चांदी के गहने, 5.50 लाख रुपए नकद, सागर रोड पर एक प्लॉट के दस्तावेज सहित वृद्ध दंपति के रहने का डबल स्टोरी मकान मिला। वहीं बैंक लॉकर से 550 ग्राम सोने के जेवरात मिले। 6 लाख रुपए बैंक खातों में मिले हैं। १५ लाख रुपए घर में लगाकर रखे गए सामान की कीमत आंकी गई। पॉश इलाके वाले सीनिट्स में स्थित डबल स्टोरी ऑलीशान मकान की कीमत ७० लाख रुपए आंकी गई है। वहीं सागर रोड स्थित मुख्य रोड के 4 हजार वर्ग फीट वाले प्लाट की कीमत ६५ लाख रुपए आंकी गई है। कुल मिले एक सोने के जेवरातों में 1 किग्रा सोने का आंकलन किया गया है। जिसकी कीमत ३५ लाख है। इसके अलावा लालजी खरे की दो नातिनों के नाम 12.50- 12.50 12.50 लाख की पॉलिसी मिली हैं।
इस कार्रवाई के दौरान सागर लोकायुक्त टीम के साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से सिविल लाइन थाना पुलिस और डायल 100 पुलिस के साथ ही 108 वाहन व कर्मचारी पूरे समय मौजूद रहे। टीम ने सोने-चांदी की जांच और मूल्य का आंकलन करने के लिए सुनार को बुलाकर जेवरातों की तौल करवाई और उनके वास्तविक मूल्य की जानकारी निकाली।
गौरतलब है कि लोकायुक्त भोपाल के निर्देश पर सागर लोकायुक्त की टीम सोमवार को ही छतरपुर पहुंच गई थी। पूरी रात एक होटल में रुकने के बाद मुख्यालय के निर्देश पर 12 सदस्यीय टीम इंदौर के सहायक आबकारी आयुक्त के पैत्रिक घर पर मंगलवार सुबह ४ बजे छापामार कार्रवाई के लिए पहुंची थी। इस कार्रवाई में भोपाल से इंस्पेक्टर मनोज पटवा तथा प्रधान आरक्षक धर्मवीर सिंह यादव के अलावा सागर लोकायुक्त से डीएसपी राजेश खेड़े, इंस्पेक्टर मंजू सिंह, प्रधान आरक्षक महेश हजारी, आरक्षक आशुतोष व्यास, अजय क्षत्रिय, मनोज कोरकू, विक्रम सिंह, सुरेन्द्र सिंह तथा राकेश बेन शामिल रहे।
वृद्ध दंपति की तबियत बिगड़ी तो घर में ही कराया इलाज:
आलोक खरे के घर मंगलवार सुबह 4 बजे टीम ने कार्रवाई शुरू की थी। सुबह साढ़े 8 बजे तक टीम अपना काम आराम से करती रही। इस दौरान टीम ने बाजार से चाय-नाश्ता मंगलवाकर किया। इसके कुछ समय बात वृद्ध दंपति ने ब्लड प्रेशर बढऩे के साथ ही घबराहट होने की शिकायत की। इस पर लोकायुक्त के डीएसपी राजेश खेड़े ने 108 वाहन को मौके पर बुला लिया। डॉक्टर से चैकअप करवाकर उन्हें बीपी की दवाई दिलवाई गई। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कॉल करते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस को भी सुरक्षा के लिए बुलवा लिया था।
बेटे की करतूतों की माता-पिता के सामने हुई जांच :
आलोक खरे के सी-निट्स स्थित पैतृक घर में पहुंचने के बाद टीम दो भागों में बट गई थी। एक टीम के 6 सदस्यों ने ग्राउंड फ्लोर पर सहायक आयुक्त की मां ज्ञान देवी खरे की मौजूदगी में कार्रवाई की। तो वहीं दूसरी 5 सदस्यीय टीम ने पहली मंजिल पर पहुंचकर सहायक आयुक्त के पिता लालजी खरे की मौजूदगी में पूरी छानबीन की। इस दौरान सिविल लाइन थाने का पुलिसबल सुरक्षा व्यवस्था में घर के अंदर और बाहर मौजूद रहा।

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