करवाचौथ पर व्रत नहीं रोमांटिक कैंडिल लाइट डिनर पर जाना चाहते हैं भारतीय पुरुष

Ekktta Sinha

Publish: Oct, 06 2017 08:31:11 (IST)

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करवाचौथ पर व्रत नहीं रोमांटिक कैंडिल लाइट डिनर पर जाना चाहते हैं भारतीय पुरुष

व्रत रखने की परंपरा पर पुरुष क्या सोचते हैं यह जानने के लिए मैट्रिमोनियल वेबसाइट ने एक सर्वे कराया।

करवा चौथ 8 अक्टूबर को है। इस त्योहार के ठीक पहले एक सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसमेें 24 से 40 साल की उम्र के बीच 6,537 भारतीय पुरुषों ने अपनी राय रखी। इसके मुताबिक ज्यादातर भारतीय पुरुष अपनी पत्नी के करवा चौथ का व्रत रखे जाने के खिलाफ हैं। 61 फीसदी पुरुषों ने पत्नियों के साथ व्रत रखने की बात स्वीकारी। 39 फीसदी पुरुषों ने करवाचौथ रखने से मना किया।

पत्नी के साथ समय गुजारना पसंद
93 फीसदी पुरुष नहीं चाहते कि उनकी पत्नी उनके लिए व्रत रखें। उनका कहना था कि वे इसे अलग अंदाज में मनाना चाहेंगे। जिसमें 50 फीसदी पुरुष इस दिन छुट्टी लेकर पत्नी के साथ कुछ अच्छा समय गुजारना चाहते हैं। 23 फीसदी रोमांटिक कैंडिल लाइट डिनर पर जाना चाहेंगे जबकि 8 फीसदी छुट्टियां मनाने जाना पसंद करेंगे। करवाचौथ के दौरान अपनी पत्नी के प्रति प्यार और शादी में समानता दर्शाने के लिए पुरुषों को भी एक कैंपेन 'शादी डॉट कॉम फास्ट फॉर हर' के जरिए व्रत रखने के लिए प्रोत्साहित भी किया गया।

कपंनी के सीईओ गौरव रक्षित का कहना है कि आज की जेनरेशन इस कदर आधुनिकता के चक्कर में फंस गई हैं कि उनके लिए परांपरा के मायने कम होने लगे हैं। लोग अपनी संस्कृति से दूर हो रहे हैं। हम सबको समझना चाहिए कि त्योहार की वह बहाना है जब हम अपनों के साथ कुछ समय प्यार का बिता सकते हैं। अपने रिश्तों को पहले से भी मजबूत बना सकते हैं।
रक्षित की यह बात काफी हद तक सही भी है। समाजशास्त्री दिव्या मोहन कहती हैं- हमारे देश की पहचान ही हमारी संस्कृति की वजह से है। दुख इस बात का होता है कि भारत में बसे लोग आज अंग्रेज बनने के चक्कर में अपनी परंपरा को नजरअंदाज कर रहे हैं। वहीं जो भारतीय विदेश में बसे हैं वो अपने बच्चों को हमसे बेहतर तरीके से भारतीयता का पाठ पढ़ा रहे हैं।

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