एक ऐसी डीएम, जो खुद ज़मीन पर बैठकर और फरियादियों को कुर्सी पर बैठाकर करती है जनसुनवाई!

वर्तमान समय में ज्यादातर अधिकारी खुद को जनता का रहनुमा मानने लग जाते हैं, साथ ही पद के अहंकार में चूर होकर खुद को लॉटसाहब मान बैठते हैं

By: राहुल

Published: 14 Nov 2017, 10:35 AM IST

नई दिल्ली: ऐसा अमूमन देखने को नहीं मिलता जब फरियादी अपनी फरियाद लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचें और वो अधिकारी उनकी फरियाद सुनने के लिए खुद ज़मीन पर बैठे और उन्हें कुर्सी पर बैठाये! मगर देश की एक महिला प्रशासनिक अधिकारी में जनता के प्रति सेवा-भावना इस कदर कूट-कूट कर भरी है कि वह असहाय फरियादियों को देखकर घुटनों के बल बैठ जाती हैं। यह महिला हैं रोहिणी रामदास जोकि एक आइएएस अधिकारी हैं और फिलहाल तमिलनाडु के सलेम जिले में बतौर कलेक्टर तैनात हैं।

इस तस्वीर को आप देखिये और सोचिये कि क्या आपने इस कदर की तस्वीर पहले कभी देखी है? यह तस्वीर उस वक्त की है जब रोहिणी की जनसुनवाई दरबार में कुछ दिव्यांग अपनी फ़रियाद लेकर पहुंचे थे। फरियादी दिव्यांगों को देखते ही महिला कलेक्टर ने उन्हें कुर्सी पर बैठाया और खुद ज़मीन अपर बैठ कर शिकायतें सुनने लगीं।

 

district collector

इस महिला आईएएस की तस्वीर को आप एक मिसाल के तौर पर भी देख सकते हैं, क्योंकि वर्तमान समय में ज्यादातर अधिकारी खुद को जनता का रहनुमा मानने लग जाते हैं, साथ ही पद के अहंकार में चूर होकर खुद को लॉटसाहब मान बैठते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यहां की कलेक्टर रोहिणी रामदास को अमूमन गरीबों की सुनवाई के लिए जनता दरबार लगाते देखा जा सकता है। तमिलनाडु के इस जिले के 227 साल के इतिहास में रोहिणी पहली महिला कलेक्टर हैं। 1790 से अब तक यहां सभी पुरुष डीएम रहे।

बचपन में पिता को खेती करते देख और खेती में आने वाली समस्याओं को देख 9 साल की उम्र में ही रोहिणी रामदास ने निश्चय कर लिया था कि वो एक दिन कलेक्टर बनेंगी। जिससे कि सिस्टम की लालफीताशाही से किसानों को ना मिल पाने वाली सरकारी योजनाओं का फायदा उन्हें दिलाया जा सके। रोहिणी ने सरकारी स्कूल से शुरुआती शिक्षा और गवर्नमेंट कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद रोहिणी ने सिर्विस सर्विसेज परीक्षा में सफलता हासिल की।

 

राहुल
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned