इनके दृढ़ इरादे ने बदली इथोपिया में दिव्यांगों के प्रति संकीर्ण सोच

यतिनेर्श निगुसे एक इथियोपियाई मानवाधिकार लॉयर हैं। वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम की ओर से उन्हें हाल ही इस साल के यंग ग्लोबल लीडर्स में चुना गया है।

Mohmad Imran

24 Mar 2020, 03:41 AM IST

यतिनेर्श निगुसे एक इथियोपियाई मानवाधिकार लॉयर हैं। वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम की ओर से उन्हें हाल ही इस साल के यंग ग्लोबल लीडर्स में चुना गया है। वे महिलाओं और दिव्यांगों के अधिकारों के लिए कार्यरत हैं। एक दिव्यांग (नेत्रहीन) महिला के रूप में वे अपने देश में समावेशी शिक्षा पर जोर देती हैं। उनके प्रयासों के कारण ही इथियोपिया में विकलांगता की धारणाओं में संवैधानिक बदलाव आ सका। 'लाइट फॉर द वल्र्ड' सम्मान से नवाजी जा चुकीं 36 वर्षीय निगुसे इस संस्था के साथ मिलकर दुनिया की एक अरब आबादी में शामिल उन 14 फीसदी लोगों के लिए काम करती हैं जिन्हें किसी न किसी प्रकार की दिव्यांगता या मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है।

इनके दृढ़ इरादे ने बदली इथोपिया में दिव्यांगों के प्रति संकीर्ण सोच

निगुसे दुनिया भर के देशों के दिव्यांगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास और सीखने की प्रक्रिया से जोडऩे का काम कर रही हैं। उत्तरी इथियोपिया के अमहारा में जन्मी निगुसे को बचपन में मेनिन्जाइटिस संक्रमण हो गया जिससे पांच साल की उम्र में ही उनकी आंखों की रोशनी चली गई। उन्हें दिव्यंागों के लिएउ बनाए खास स्कूल में भेज दिया गया। स्कूल की अध्यापिकाओं ने उन्हें अपनी क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करने में मदद की। उनके समाज में महिलाओं को निचले दर्जे का माना जाता था। स्कूल के दिनों से ही वे दिव्यांगों के अधिकारों और जरुरतमंदों की आवाज उठाने लगी। अदीस अबाबा विश्वविद्यालय में उन्होंने एड्स आंदोलन की नींव रखी। विश्वविद्यालय में 2006 में महिला छात्र संघ की स्थापना का रेय भी उन्हें ही जाता है जिसकी वे पहली अध्यक्ष भी थीं। वे इथियोपिया के राष्ट्रीय विकलांगता एक्शन नेटवर्क सहित 20 से अधिक इथियोपियाई संगठनों के साथ एक सक्रिय स्वयंसेवक के रूप में काम करती आ रही हैं।

इनके दृढ़ इरादे ने बदली इथोपिया में दिव्यांगों के प्रति संकीर्ण सोच

उन्होंने चार साल तक 'ब्लाइंड वीमन विंग' की इथियोपिया नेशनल एसोसिएशन की अध्यक्ष के रूप में भी सेवा की। 2005 में उन्होंने इथियोपियन राष्ट्रीय विकलांगता और विकास संगठन की स्थापना की। उनका उद्देश्य देश-दुनिया में विकलांगता और दिव्यांगों के लिए काम करने वाले संगठनों को मजबूत करना था। उनके संगठन ने इथियोपियाई समाज में विकलांगता को संकीर्ण और घृणा की दृष्टि से देखने वालों की सोच को बदलने में सफलता पाई। संगठन के ठोस दलीलों और प्रयासों से देश में दिव्यांगों को विशेष सुविधाएं प्रदान करने के लिए कानूनी और नीतिगत सुधार एवं बदलाव किए गए। उनके संगठन की तर्ज पर ही अन्य संगठनों ने भी उनके डिजायन को अपनाया। कार्यक्षेत्र, शासन, लैगिंक समानता, रोजगार और सामाजिक पूर्वाग्रहों को दूर कर दिव्यांगों को आरक्षण एवं विशेष छूट भी उन्हीं के कारण संभव हो सकी।

इनके दृढ़ इरादे ने बदली इथोपिया में दिव्यांगों के प्रति संकीर्ण सोच

उन्होने इथियोपियाई समाज के 152 पहलुओं की समीक्षा कर दिव्यांगों के साथ होने वाले भेदभाव पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। देश में संयुक्त राष्ट्र की ओर से दिव्यांगों के लिए किए गए विशेष प्रावधानों को भी प्रशासन ने प्रमुखता से शामिल किया। 2013 में धार्मिक-सामाजिक संगठनों के दिव्यांगों के प्रति फैलाए आडंबरों के प्रति जागरूक करने के लिए उन्होंने इथियोपिया चैरिटीज एंड सोसाइटीज़ फोरम भी बनाया। 2014 तक वे देश की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन आयोजन समिति की सद्भावना राजदूत थीं। वह इथियोपिया के बिल्डिंग कोड के लिए नए एक्सेसिबिलिटी निर्देशों को स्थापित करने में भी प्रमुख भूमिका में थीं, जिसके तहत सभी नई इमारतों को विकलांग व्यक्तियों के लिए सुलभ होना आवश्यक है।

इनके दृढ़ इरादे ने बदली इथोपिया में दिव्यांगों के प्रति संकीर्ण सोच

अपनी इन्हीं उपलब्धियों के लिए उन्हें 2014 का अफ्रीका का 'मोस्ट इन्फ्लूएंशियल वुमन इन बिजनेस एंड पॉलिटिक्स अवार्ड' भी मिल चुका है। दो बच्चों की मां निगुसे 2011 में अमरीकी शैक्षणिक सम्मान 'वल्र्ड ऑफ डिफरेंस लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड' से भी नवाजी जा चुकी हैं।

Mohmad Imran Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned