कविता पाठ करना था सुगना को, किस्मत ने मौका दिया नेहा को

-प्रधानाध्यापिका ने खोला राज
-केजीबीवी की संभाग स्तरीय स्पर्धा से प्रसिद्ध हुई नेहा
-सुगना प्राप्त कर चुकी राज्यस्तरीय कविता पाठ का पुरस्कार

By: Amit Pareek

Updated: 03 Feb 2019, 11:17 PM IST

स्‍पेशल

 


अश्वनी प्रतापसिंह
राजसमंद. पन्नाधाय के बलिदान पर लिखी कविता के कुछ अंश ने नेहा वैष्णव को खासी ख्याति दिलाई। नेहा का मेवाड़ के गौरव के रूप में जगह-जगह सम्मान हो रहा है, होना भी चाहिए, क्योंकि पाठ के दौरान किया गया अभिनय, आवाज की गम्भीरता, पूरे बलिदान की गाथा को जीवंत कर देता है। लेकिन इसका एक और सच है, नेहा को काबलियत दिखाने का मौका किस्मत ने दिया।
इसका खुलासा किया है केजीबीवी (कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय) रेलमगरा की प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी रेगर ने। उनका कहना है कि संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में इस कविता का पाठ नेहा वैष्णव को नहीं बल्कि सुगना को करना था। लेकिन प्रतियोगिता से कुछ दिन पहले ही सुगना के गले में समस्या हो गई। चिकित्सक ने उसे गाना गाने से मन ाकर दिया। जबकि सुगना पिछली बार भी काव्यपाठ में राज्यस्तर पर अव्वल रही थी, ऐसे में आनन-फानन में यह पाठ नेहा को दिया गया। नेहा ने अवसर को पूरी तरह भुनाने के लिए जी-जान से मेहनत की और पांच-छह दिन के अभ्यास के बाद उसने सागवाड़ा में आयोजित केजीबीवी की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में काव्यपाठ किया और इसका वीडियो वायरल हो गया।

अब वो भी दीवानीं
कविता के जरिए नेहा के प्रसिद्ध होते ही उसका कद उम्र से काफी ज्यादा हो गया है। जो सहेलिया उससे बात नहीं करती थीं, आज वे भी उसकी दीवानी हैं। बकौल नेहा, अब सभी लोग मुझे बहुत पसंद करते हैं, हर जगह सम्मान मिल रहा है। सब मेरे सामने ही मुझे आदर्श बोलने लगे हैं। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

नेहा वॉलीबॉल की है खिलाड़ी
अब यह भी नेहा की किस्मत का ही खेल है। क्योंकि नेहा वैष्णव मुख्य रूप से वॉलीबॉल की खिलाड़ी है और केजीबीवी की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित भी है। उसने काव्यपाठ प्रतियोगिता में इससे पूर्व कभी हिस्सा भी नहीं लिया था। सिर्फ एक बार समूहगान स्पर्धा में हिस्सेदारी की थी, जिसमें समूह राज्यस्तर पर प्रथम आया था। अब वह काव्यपाठ के लिए भी केजीबीवी की राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित है। हालांकि अभी प्रतियोगिता की तिथि नहीं आई है।

13 लाख ने लाइक किया
पन्नाधाय के त्याग और बलिदान से ओत प्रोत कविता को प्रदेश सहित देशभर में खूब सराहा जा रहा है, जिसके कारण कविता को पसंद करने वालों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। अब तक यह काव्यपाठ 13 लाख से ज्यादा लोगों ने पसंद किया है।

पांच वीडियो, 25 लाख ने देखा
राजस्थान पत्रिका द्वारा फेसबुक पर नेहा के लाइव किए गए पांच वीडियो को देखने वालों की संख्या अब 25 लाख से ऊपर हो गई है। रोजाना बड़ी संख्या में उसके वीडियो देखे, लाइक व शेयर किए जा रहे हैं।

कई जगह सम्मान
नेहा को अब तक सवा दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है। कई जगह उसका सम्मान हो चुका है।

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