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मिस इंडिया की मिठास, आई लोगों को रास

खाने में बेहद मीठा और दिखने में चमकदार तथा सुंदर। यह है मिस इंडिया के नाम से उत्पादित बेर। दौसा जिले के ग्राम सोमाडा में इस वैरायटी के बेर की मांग राजस्थान ही नहीं, अन्य प्रदेशों में भी खूब हो रही है।

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जयपुर

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VIKAS MATHUR

Apr 17, 2024

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अन्य किसान हो रहे आकर्षित
दौसा जिले के काश्तकार नरेश गुर्जर इस बेर की वैरायटी के पौधे लगाकर लाखों की कमाई कर रहे हैं। उन्होंने इसके साथ ही नर्सरी में अमरूद,मौसमी, चीकू आदि के सैकडों पौधे लगाए हुए हैं। इससे क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं।

प.बंगाल से लाए बेर के पौधे
किसान नरेश ने चार बीघा मेें प.बंगाल से बेर के पौधे लगाकर यहां नर्सरी बनाई। पहले साल ही अच्छा फायदा हुआ। इससे उत्साहित होकर उन्होंने अन्य फलों का भी उत्पादन भी शुरू किया।

पानी की कम आवश्यकता
बेर के पौधे में अक्टूबर माह में फूल और जनवरी में फल आना शुरू हो जाते हैं। यह किसी भी तरह की मिट्टी में उग जाते हैं। इसके लिए पानी की अधिक जरूरत नहीं होती। मिस इंडिया बेर की खासियत यह है कि चमकदार एवं सुंदर होने के साथ- साथ खाने में स्वादिष्ट एवं मीठा होता है। यह अत्यधिक पैदावार वाली अगेती फ सल है। इसके बाजार भाव भी अच्छे मिलते हैं।

बृजभूषण शास्त्री — बडिय़ाल कलां