आरटीयू में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों ने लगाया आरोप...

Rajesh Tripathi

Publish: Jan, 09 2019 12:10:46 AM (IST)

स्‍पेशल


कोटा. राजस्थान तकनीकि विश्वविद्यालय में कार्यरत अस्थायी कार्मिकों का कार्य बहिष्कार लगातार 8वें दिन भी जारी रहा। ये कर्मचारी आरटीयू में वर्ष 2006 से बतौर संविदा कर्मी और बाद में सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से काम कर रहे हैं। इनमें मशीन विद मैन, कम्पयूटर आपरेटर व चतुर्थ श्रेणी के कर्मी भी शामिल है। इनका आरोप है कि पहले इनसे संविदाकर्मी का दर्जा छिन लिया गया और 31 दिसंबर से सेवाएं भी समाप्त कर दी गई है। कर्मचारियों का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में जयपुर की जिस कंपनी को ठेका दिया गया है वो कम वेतन में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य करवाना चाहती है। उनका कहना है कि पहले हमे 6500 रुपए वेतन मिलता था लेकिन नए टेंडर के बाद यह 4500 तक सीमित हो जाएगा। एक ओर जहां राज्य सरकार राज्यकर्मियों को सातवें वेतन की सुविधाएं दे रही है वहीं विश्वविद्यालय में वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जा रही है।

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