Shafali : लड़कियों की ट्रेनिंग एकेडमी नहीं थी तो लडक़ा बनकर खेली

भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian women cricket team) की सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा (Shafali Verma) ने कम उम्र में रचे कई कीर्तिमान

By: pushpesh

Published: 01 Mar 2020, 08:19 PM IST

जयपुर.

महिला 20-20 विश्व कप में भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से जबरदस्त प्रदर्शन करने वाली 16 वर्षीय शैफाली का नाम सबकी जुबां पर है। हरियाणा के रोहतक की रहने वाली शैफाली को बचपन से ही क्रिकेट का जुनून था, हालांकि कुछ अड़चन भी थीं। उनके पिता संजीव वर्मा ने बेटी को ट्रेनिंग दिलाने का फैसला किया। लेकिन मुश्किल ये थी कि लड़कियों के लिए क्रिकेट एकेडमी नहीं थी। आखिर उनके पिता ने लडक़ों की एकेडमी में ट्रेनिंग दिलवाने के लिए शैफाली के बाल कटवा दिए। तब उनकी उम्र 10 वर्ष थी। फिर शैफाली लडक़ों के साथ ही क्रिकेट की ट्रेनिंग लेती रही।

उनके परिवार को रिश्तेदार और पड़ोसियों के ताने सुनने को मिलते कि तुम्हारी लडक़ी, लडक़ों के साथ खेलती है। लेकिन आज वे तारीफें कर रहे हैं। सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानने वाली शैफाली सचिन का भी रेकॉर्ड तोड़ चुकी हैं। वे 15 वर्ष 285 दिन की उम्र में अद्र्धशतकीय पारी खेलकर तेंदुलकर का 30 वर्ष पुराना रेकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने पहला अद्र्धशतक 16 वर्ष 214 दिन की उम्र में लगाया था।

सहवाग की तरह आक्रामक शैली
‘म्हारी छोरियां, छोरों से कम नहीं’ की बात को चरितार्थ करते हुए सैफाली ने फटाफट क्रिकेट में आक्रामक शैली अपनाई। इसके चलते शैफाली को ‘लेडी सहवाग’ कहा जाने लगा। ये कहना गलत भी नहीं, क्योंकि छोटी उम्र से ही उनके तेवर दिखने लगे थे। उनके कोच अश्विनी कुमार बताते हैं कि जब वह 14 वर्ष की थी तो पहली बार नेट प्रैक्टिस के दौरान हरियाणा के तेज गेंदबाज आशीष हुडा को बॉल डालने के लिए कहा। 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही बॉल को देखकर शैफाली न डरी ना विचलित हुई और पहली ही बॉल का बाउंड्री पार भेज दिया।

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