फेसबुक के पांच बड़े खतरे, सोशल से लेकर निजी लाइफ भी हो सकती है बरबाद

फेसबुक के साइड इफेक्ट्स इतने खतरनाक हैं कि आपको इसके इस्तेमाल के बारे में गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

By: Navyavesh Navrahi

Published: 22 Mar 2018, 12:10 PM IST

नई दिल्ली: फेसबुक के 5 करोड़ यूजर्स का डेटा चोरी हो जाने से पूरी दुनिया में बहस छिड़ गई है। मार्क जकरबर्ग की कंपनी को अब तक कई अरब रूपए का नुकसान हो चुका है।ऐसे में सवाल उठता है, कि फेसबुक का इस्तेमाल क्या इतना जरूरी है कि हम अपनी प्राइवेसी को खतरे में डाल दें। एक बारगी मान लेते हैं कि हमारी प्राइवेसी भी सुरक्षित है फिर भी फेसबुक के साइड इफेक्ट्स इतने खतरनाक हैं कि आपको इसके इस्तेमाल के बारे में गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

हीनभावना

फेसबुक इस्तेमाल करने से आपमें हीनभावना घर कर सकती है।अपने दोस्तों और रिश्तेदारों की जिंदगी देखकर न चाहते हुए भी आप तुलना करने लगते हैं ।हो सकता है कि आपको अपनी लाइफ 'not so cool’ लगने लगे।एक्पर्ट्स की मानें तो क्रोनिक फेसबुक यूजर हमेशा दूसरों को खुद से ज्यादा खुश महसूस करता है।

रिश्तों में दूरियां

देखा गया है कि लोग फेसबुक पर तो सैकड़ों लोगों से बात करते हैं, लेकिन फेसबुक के चलते अपने ही घरवालों से दूर हो जाते हैं।इसके चलते रिश्तों में दरार पैदा हो जाती है।लोग समाज से कटने लगते हैं।

इसके अलावा लोग फेसबुक पर अपने एक्स से भी कनेक्ट करते देखे गए हैं।उन्हें लगता है कि डिजीटल प्लेटफार्म पर कनेक्ट करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन ऐसा करके आप अपने पार्टनर को इमोशनली चीट करते हैं।

समय की बर्बादी

लोग फेसबुक के इतने एडिक्ट होते हैं, कि दिन-रात फेसबुक पर लगे रहते हैं। कई बार तो लोग फेसबुक के लिए जरूरी काम भी टालने लगते हैं।फेसबुक का सबसे ज्यादा बुरा असर स्टूडेंट्स पर पड़ता है जो मिनट-मिनट में फेसबुक चेक करते हैं। इस आदत के चलते उनका कीमती समय जो पढ़ाई में लगना चाहिए वो बेकार की बातों में खराब होता है।

फ्राड का खतरा

भले ही फेसबुक गलत जानकारियों को allow नहीं करता, लेकिन फेसबुक पर करोड़ों फेक प्रोफाइल एक्टिव रहती हैं।ऐसे में हम कई अन्जान लोगों पर भरोसा कर लेते हैं जो बाद में पछतावे के सिवाय कुछ नहीं देता ।

जेल जाने का खतरा

अक्सर खबरों में देखा गया है कि नेता या किसी रसूखदार इंसान के खिलाफ पोस्ट करने पर यूजर को जेल की हवा तक खानी पड़ी है। कई बार भावनाओं पर नियंत्रण न रख पाने के कारण आप भी ऐसे लोगों का साथ देते हैं।जो कि आपके अपनों की मानसिक शांति के लिए ठीक नहीं होता।

Navyavesh Navrahi
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