स्मार्ट वर्क के टिप्स

अगर ये कहें कि आप लेजी होते हुए भी बिना कुछ किए इतना कुछ कर सकते हैं, जो एक साधारण व्यक्ति की सीमा से बाहर हो, तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। यह केवल एक कला है, जिसे सीख कर बिना कुछ किए आप कोई भी कार्य करने में पारंगत हो सकते हैं। बस शुरू में आपको थोड़ा कष्ट उठाना होगा, उसके बाद तो आराम ही आराम। इतना याद रखें कि आप लेजी हैं, तो क्या हुआ बुद्धिमान तो हैं! तो आइए जानें कम मेहनत में अच्छे रिजल्ट्स लाने की टेक्निक्स...

By: कंचन अरोडा

Published: 25 Aug 2020, 06:45 PM IST

प्रभावकारी बनें
किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए उन बिन्दुओं पर ध्यान दें, जो उस कार्य को पूरा करने में बाधक हो सकते हैं। साथ ही उन बिन्दुओं पर भी ध्यान दें, जो उस कार्य को त्वरित गति से पूरा कर सकें। इन सबके लिए कुछ समय के लिए यह भूल जाएं कि आपका घर बिखरा हुआ है या आपके ई-मेल बॉक्स में संदेश पड़े हैं। आप अपने ध्यान को वहीं रखें, जिससे कम परिश्रम में वह कार्य सुगमता से पूरा हो सके।

शोध करें
विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में जाकर कार्यकुशलता की बारीकी से जांच करें, कि ऐसी कौनसी प्रणाली विकसित की जाए, जिससे कार्य निर्दिष्ट समय से काफी पहले पूरा हो सके। इसके अंतर्गत अगर आप सही समय में सही निर्णय लेने में समर्थ हो जाते हैं, तो आप अपनी कार्य कुशलता में उन लोगों से मीलों आगे निकल जाएंगे, जो कठिन परिश्रम करके भी कार्य को पूरी सफलता से नहीं कर पाते।

अपनाएं योजनाबद्ध कार्य प्रणाली
कोई भी कार्य आरम्भ करने से पहले उस कार्य की विषमताओं का गहन अध्ययन करें और कार्य की बारीकियों को मद्देनजर रखते हुए एक योजनाबद्ध कार्य प्रणाली तैयार करके कार्य आरम्भ करें।

ध्यान केन्द्रित करें
अगर आप मेरी तरह आलसी है, तो अपने ध्यान को इतना सीमित करें कि आपकी दृष्टि केवल उसी कार्य पर हो, जिसे पूरा करना आपके लिए अति आवश्यक है, बजाय इसके कि 20 कार्यों को पूरा करने के बारे में सोचकर अपना समय नष्ट करें।

कुशल निर्देशन
अगर आपने गैस चूल्हे पर दूध रखा है, तो उसे इतना मत उबलने दें कि वह बर्तन से बाहर आकर नष्ट हो जाएं। ऐसी स्थिति में आपको केवल यह करना है कि दूध को बर्तन से बाहर आने की स्थिति तक पहुंचते ही गैस की नॉब बंद कर दें। ठीक उसी प्रकार एक कुशल निर्देशक की तरह प्रत्येक गतिविधि को इस तरह से नियंत्रित करें, जैसे सुदूर समुद्र में तैरता हुआ जहाज तट पर स्थित राडार द्वारा नियंत्रित होता है।

व्यावहारिक बनें
आपका व्यवहारकुशल होना अति आवश्यक है। आप अपने आस-पास के लोगों के साथ अपने संबंध सुदृढ़ करें। उनके कार्यों में आपके द्वारा दिया गया किसी भी रूप में एक छोटे से छोटा योगदान आपके बड़े से बड़े कार्य को आसानी से पूरा करने में सहायक सिद्ध हो सकता है। इस व्यवहार कुशलता का स्वरूप जितना बड़ा होगा, आपका कार्य उतना ही आसान हो जाएगा।

अनावश्यक गोष्ठियों का बहिष्कार
ऐसा अधिकतर देखा गया है कि जब लोग आपस में मिले हैं, तो कई बार अनावश्यक विषयों पर चर्चा प्रारंभ हो जाती है। जिसे केवल समय बर्बादी ही कहा जा सकता है। ऐसी चर्चाओं का बहिष्कार ही बुद्धिमानी है। आप केवल उन्हीं चर्चाओं में भाग लें, जो आपके लोगों के साथ दूरगामी संबंध बनाए तथा भविष्य में आपको लोगों का सहयोग मिल सकें।

अत्यधिक महत्वकांक्षा से बचें
वैसे तो एक तरह से महत्वकांक्षा को सफलता का बीज कहा जा सकता है, क्योंकि इसके जन्म लेते ही व्यक्ति प्रयासरत हो जाता है और सफलता को प्राप्त करता है, लेकिन अगर आप कम समय में अल्प परिश्रम से कार्य से कार्य करना चाहते हैं, तो आपको महत्वकांक्षाओं के साथ समझौता करना पड़ेगा।

कंचन अरोडा
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