Tamil Nadu Assembly Elections 2021: सीमए पलनीस्वामी बोल- करुणानिधि को स्टालिन पर नहीं था भरोसा, इसलिए पार्टी नहीं सौंपी

Tamil Nadu Assembly Elections 2021: विधानसभा चुनाव 2021 में डीएमके और एआईएडीएमके एक दूसरे पर निजी हमले करते नजर आ रहे है।

 

By: PURUSHOTTAM REDDY

Published: 22 Mar 2021, 06:17 PM IST

चेन्नई.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (Tamil Nadu Assembly Elections 2021) में डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी (AIADMK co-coordinator K Palaniswami) ने डीएमके प्रमुख्य एमके स्टालिन (DMK chief Mk Stalin) पर निशाना साधते हुए कहा कि दिवंगत डीएमके नेता करुणानिधि (M Karunanidhi) ने खुद स्टालिन पर विश्वास नहीं किया और इसलिए स्टालिन को पार्टी नहीं सौंपी, भले ही वह अपने पिछले दो वर्षों के दौरान बीमार थे।

सीएम पलनीस्वामी ने कहा, करुणानिधि खुद स्टालिन को नहीं मानते थे। अपने पिछले दो वर्षों के दौरान जब वह बीमार थे, उन्होंने स्टालिन को पार्टी नहीं सौंपी। उसे अपने बेटे पर भरोसा नहीं था। ऐसे में लोग उस पर विश्वास कैसे करेंगे? 1969 में डीएमके के संस्थापक सी. एन अन्नादुरै की मृत्यु के बाद जब सभी को उम्मीद थी कि 'नवलार' नेदुचेझियान मुख्यमंत्री बनेंगे। लेकिन स्टालिन के पिता करुणानिधि शॉर्ट-कट से मुख्यमंत्री बन गए।

वहीं डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन कई बैठकों और चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत को लेकर सवाल उठाया है। आगामी विभानसभा चुनाव में डीएमके और उसके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एआईएडीएमके के बीच की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत को लेकर तल्खी बढ़ गई है।

DMK का आरोप है कि राज्य सरकार जयललिता की 'रहस्यमयी' मौत के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। स्टालिन ने पहली बार इस मुद्दे को उठाया था और कहा था कि एआईएडीएमके नेतृत्व और इसकी सरकार ने जयललिता की मौत की उचित जांच नहीं की है। स्टालिन ने कहा था कि डीएमके के सत्ता में आने के बाद उनकी मौत की वजह बनी परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

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