आपके चाय पीने के स्टाइल में छुपे हैं कई राज

चाय, यह एक ऐसा नाम है, जिसका नाम सुनते ही अमूमन सबके मुंह से यही निकलता है कि हां हो जाए। चाय की तलब दिन के किसी भी पहर में हो सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चाय पीने के भी अपने एटिकेट्स होते हैं। आप एक कप चाय किसी के साथ पीते हैं और सामने बैठा व्यक्ति आपका आकलन कर लेता है कि आप किस तरह के इंसान हैं। चौंक गए ना ! घबराइए नहीं, जो कल तक नहीं किया अब कर लीजिए। दरअसल चाय पीने व बनाने के भी कुछ नियम होते हैं, जिनको फोलो करने से आप अपनी छवि सुधार सकते हैं। तो चलिए जाने क्या हैं वह रूल्स...

By: कंचन अरोडा

Published: 17 Jun 2020, 09:01 PM IST

चाय, यह एक ऐसा नाम है, जिसका नाम सुनते ही अमूमन सबके मुंह से यही निकलता है कि हां हो जाए। चाय की तलब दिन के किसी भी पहर में हो सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चाय पीने के भी अपने एटिकेट्स होते हैं। आप एक कप चाय किसी के साथ पीते हैं और सामने बैठा व्यक्ति आपका आकलन कर लेता है कि आप किस तरह के इंसान हैं। चौंक गए ना ! घबराइए नहीं, जो कल तक नहीं किया अब कर लीजिए। दरअसल चाय पीने व बनाने के भी कुछ नियम होते हैं, जिनको फोलो करने से आप अपनी छवि सुधार सकते हैं। तो चलिए जाने क्या हैं वह रूल्स...

मिक्स पीसफुली
चाय बनाते समय जब हम चीनी या फिर दूध मिक्स करते हैं, तो जनरली चम्मच कप से टच करता है और आवाज होती है। चाहे कितनी भी जल्दी क्यूं न हो, धैर्य से बिना आवाज किए चाय बनाएं। अन्यथा लगेगा आपको गुस्सा आ रहा है या फिर आपके पास समय की कमी है।

सही तरीका
अक्सर हम दूध को कप में पहले डालते हैं, लेकिन सही तरीका यह होता है कि पहले चाय डालकर फिर दूध डालें। इससे दूध की सही मात्रा का अंदाजा भी हो जाता है और जायकेदार चाय भी तैयार हो जाती है।

नो सुड़क- सुड़क
जिस तरह चाय बनाते समय साउंड को अच्छा नहीं माना जाता, इसी तरह चाय पीते समय चाय गटकने की या फिर सुड़कने की आवाज भी एटिकेट्स के खिलाफ होती है। जल्दी-जल्दी या फिर जल्दबाजी में एक साथ ज्यादा चाय पी जाने से भी सामने वाले पर आपका इम्पे्रशन सही नहीं जाता।

हिला-हिलाकर चाय न पीएं
कभी-कभी हम लोग ख्यालों में होते हैं या फिर यह हमारी आदत में शामिल होता है कि जब कप में चाय की मात्रा कम रह जाती है, तो कप को हिला-हिलाकर चाय पीने लगते हैं। और सिर्फ चाय ही नहीं लोग दूध सहित हर पीने की चीज के साथ ऐसा ही करते हैं। जबकि यह एटिकेट्स के खिलाफ है और हो सकता है ऐसे हिलाने से चाय बिखर भी जाए।

तसल्ली से पीजिए
अरे भई इतनी भी क्या जल्दी है अब चाय आ ही गई है तो तसल्ली से पीजिए। यदि चाय गर्म है तो उसे फूंक मारकर ठंडा करने की कोशिश न करें। किसी बर्तन में डालकर चाय ठण्डा करना भी सही नहीं लगता।

आपके चाय पीने के स्टाइल से आपके व्यक्तित्व का भी पता चल जाता है:
-अगर आप चाय के कप को एक हाथ से जोर से पकड़ते हैं और दूसरे हाथ को हिला-हिलाकर बातें करते रहते हैं, तो लगता है कि आपको गॉसिपिंग की आदत है।
- दोनों हाथों से कप को कसकर पकडऩा और आई कॉन्टेक्ट नहीं होने देना, नर्वसनेस को शो करता है।
- कप को पकड़कर नर्वसनेस में चाय को फूंक मारते रहना यह शो करता है कि आप कॉन्फिडेंट नहीं है।
- जो चाय या कॉफी पीते समय कप को एक हाथ में पकड़कर ठोडी से थोड़ा नीचे रखते हैं और रिलेक्स पॉजीशन में होते हैं। ऐसे लोग कॉन्फिडेंट पर्सन की श्रेणी में आते हैं।
- दोनों हाथों से कप को पकड़ते हैं और थोड़ा आगे की ओर झुक जाते हैं, वे अच्छे लिसनर होते हैं।

कंचन अरोडा
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