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11 में से दस वरिष्ठ व कनिष्ठ विशेषज्ञों के पद रिक्त

उपजिला चिकित्सालय में नियुक्त तीन चिकित्सकों के सीनियर रेजिडेंट शिप करने के लिए कार्यमुक्त हो जाने से सौ बेड की क्षमता वाला उपजिला चिकित्सालय फिर दो चिकित्सकों के भरोसे ही रह गया।

बूंदीJul 08, 2024 / 06:27 pm

पंकज जोशी

11 में से दस वरिष्ठ व कनिष्ठ विशेषज्ञों के पद रिक्त

नैनवां का उपजिला चिकित्सालय।

नैनवां. उपजिला चिकित्सालय में नियुक्त तीन चिकित्सकों के सीनियर रेजिडेंट शिप करने के लिए कार्यमुक्त हो जाने से सौ बेड की क्षमता वाला उपजिला चिकित्सालय फिर दो चिकित्सकों के भरोसे ही रह गया। चिकित्सालय में नियुक्त दो महिला चिकित्सकों महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. पूर्वा शर्मा, डॉ नीतू सिंह व डॉ. परितोष श्रृंगी को सीनियर रेजिडेंट शिप करने के लिए 4 जुलाई को कार्यमुक्त कर दिए जाने से दो चिकित्सक ही रह गए। चिकित्सालय में नियुक्त दो चिकित्सक डॉ. दीक्षा चाइल्ड टेकर लीव पर है तो डॉ. एलपी नागर को बीसीएमओ के पद पर लगा रखा है।
डेढ़ सौ गांव के रोगी हो रहे प्रभावित
चिकित्सालय नैनवां शहर व नैनवां तहसील ही नही नैनवां के समीप स्थित टोंक जिले की नगरफोर्ट, दूनी, उनियारा तहसीलों के 50 से गांवों से भी मरीज उपचार के लिए आते है। नैनवां तहसील साथ ही टोंक जिले के पचास से अधिक ऐसे गांव है जिनसे नैनवां की दूरी 10 से 20 किमी ही पड़ती है। बड़ोली, भानौली, बालुन्दा, स्यावता, ठिकरिया, बालुन्दा, सतवाड़ा, चन्दवाड़, गुराई, खेड़ा, जेल, रघुराजपुरा, देवपुरा, नगरफोर्ट, खातोल, देवरी, बालापुरा, मुगलाना, जालिमगंज, बोसरिया, समरावता, कचरावता, रायपुरा, पलाई, महाराजपुरा, चतरपूरा तो ऐसे गांव है। नैनवां से 15 किमी की परिधि में ही बसे हुए है। नैनवां तहसील के जरखोदा, समिधी, बालापुरा, नाहरगंज, जगदीशपुरा, गम्भीरा, रामपुरिया, खासपुरिया, बामनगांव, करीरी, हीरापुर, संडीला, बम्बूली, रजलावता, खेरुणा, भोमपुरा आदि गांव ऐसे है, जिनका भी उपचार का केंद्र है।
चिकित्सक विहीन हुआ ट्रोमा सेंटर
दो हाइवे एनएच 148डी व स्टेट हाइवे 34 पर दुर्घटनाग्रस्त होने वालों के उपचार के स्थापित नैनवां में स्थित ट्रोमा सेंटर में तो एक भी चिकित्सक नियुक्त नहीं है। ट्रोमा सेंटर पर चिकित्सकों के 6 पद स्वीकृत है, जिनमें कनिष्ठ विशेषज्ञ सर्जरी का एक पद, चिकित्साधिकारी सर्जरी के दो व ऑर्थोपेडिक के तीन पद स्वीकृत है। इनमें से एक भी चिकित्सक नियुक्त नहीं होने से सेंटर चिकित्सक विहीन बना हुआ। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से घायलों को उपचार नहीं मिलने से रेफर होना पड़ रहा है।
इतने पद, सभी खाली
जिला मुख्यालय के बाद नैनवां में सौ बेड वाले सबसे बड़ा चिकित्सालय है। चिकित्सालय में वरिष्ठ विशेषज्ञ व कनिष्ठ विशेषज्ञ के 11 पद स्वीकृत है। इनमें से दन्त विशेषज्ञ ही नियुक्त है। बाकी सभी दस विशेषज्ञों के पद रिक्त पड़े है। चिकित्सालय में मेडिसन व सर्जरी के वरिष्ठ विशेषज्ञों, नेत्र, ईएनटी, ऑर्थोपेडिक, रेडियोलॉजिस्ट, निश्चेतन, दन्त मेडिसन व सर्जरी सहित 9 कनिष्ठ विशेषज्ञ के पद स्वीकृत है। सभी कनिष्ठ विशेषज्ञों के पद रिक्त पड़े है, जिससे उपजिला चिकित्सालय भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की तरह दो चिकित्सकों के भरोसे ही चल रहा है।
चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो रही
तीन चिकित्सकों के सीनियर रेजिडेंट शिप करने चले गए है। चिकित्सालय में अब दो ही चिकित्सक रह गए है, जिससे चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एमएलसी व पोस्टमार्टम भी इनको ही करने पड़ रहे है।
डॉ. कृष्णकुमार, प्रमुख चिकित्साधिकारी, उपजिला चिकित्सालय, नैनवां
कांग्रेस सरकार ने ट्रोमा व उप जिला चिकित्सालय का दर्जा देकर सुविधाएं बढ़ाई थी, लेकिन अब राज्य सरकार कांग्रेस विधायक के क्षेत्र की जनता के साथ भेदभाव कर रही है, जो निन्दनीय है। अस्पताल चिकित्सक विहीन होने से जनता परेशान है।
अशोक चांदना, विधायक

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