ये बिल्कुल गलत बात है

टिप्पणी

Rakesh Gandhi

24 Mar 2020, 02:38 PM IST

राकेश गांधी
ये जानते हुए भी कि कोरोना वायरस अत्यन्त ही घातक है और एक बार चपेट में आ गए तो उबरना मुश्किल है। इसके बावजूद सोमवार सवेरे से ही लोग सड़कों पर इस तरह निकलना शुरू हो गए जैसे कुछ हुआ ही न हो। रविवार को सभी ने अपने घर में शांतिपूर्ण रहकर जनता कफ्र्यू में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था, लेकिन सोमवार को लगा कि सब किए कराए पर पानी फिरने वाला है। सड़कों पर इतनी हलचल देखकर तो हर कोई ये ही सोच सकता है। ये बिल्कुल गलत बात है।

चौपाटी स्थित सब्जी मंडी में सवेरे से ही हलचल होने लगी। वर्तमान विषम परिस्थितियों में जहां चार-पांच लोग इकट्ठा होना ही मना हो, वहां हर दुकान पर दस-बारह लोग एक साथ खड़े थे। ऐसे में कोरोना से निपटना कठिन हो सकता है। एक बार तो लगा जैसे यहां के लोग इस कोरोना को लेकर बिल्कुल ही गंभीर नहीं है। ये सही है कि दैनिक जरूरत की चीजें लाना भी जरूरी है, पर जहां दस बारह लोग पहले से ही खड़े हों, वहां जाना किसी के लिए भी अत्यंत खतरनाक हो सकता है। सब्जी विक्रेताओं को भी अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। वे भी अपनी दुकानों पर नियम बना सकते हैं। जैसे पहले कोई ग्राहक फ्री नहीं हो जाता, दूसरा नजदीक नहीं आएगा। ऐसा दूसरे दुकानदार भी कर सकते हैं। इससे तो फिर भी कुछ नियंत्रण किया जा सकता है, पर भीड़ में रहते हुए काम निपटाना उचित नहीं कहा जा सकता।
कुछ क्षेत्रों में आइसक्रीम-बिस्किट आदि की दुकानों पर भी लोग समूह में दिखाई दिए। एक शराब की दुकान के 'चोर' दरवाजे यानि दूसरी तरफ बने छोटे दरवाजे के बाहर कुछ मित्र लोग समूह में बैठकर 'कुछ' पीते हुए गप लगा रहे थे। ये भी कहां तक उचित है। माना कि प्रशासन ने नियंत्रण के हर संभव प्रयास किए हैं, लेकिन जनता को भी अपनी सुरक्षा का ध्यान तो रखना होगा।

इसमें स्वानुशासन बहुत मायने रखेगा। तभी हम कोरोना वायरस पर जीत की ओर अग्रसर हो सकेंगे। हमें हर हाल में घर के भीतर रहना होगा। एक व्यक्ति ने कहा कि हम तो एक दिन में ही बोर हो गए। यदि कोई इंसान अपने परिवार के बीच एक दिन में बोर हो सकता है, इससे बुरी बात क्या हो सकती है? हम अपना कार्यालय का काम घर से निपटा सकते हैं। योग व संगीत के साथ अपना समय व्यतीत कर सकते हैं। रसोई में खाना बना सकते हैं। नहीं आता है तो सीख सकते हैं। कुछ नवाचार करने का इससे बेहतर समय कोई नहीं हो सकता। योग व ध्यान के जानकार विद्वानों का मानना है कि ऐसे समय का लाभ उठाते हुए अच्छा व पौष्टिक खाना खाएं, बच्चों के साथ घर में ही खेलें-कूदें, खूब हंसें। इससे इम्यूनिटी सिस्टम विकसित होगा, जिससे वायरस भी नजदीक आने से कतराएगा। कुछ भी करें, पर अच्छा करते रहें और घर में ही बने रहें। बाहर बिल्कुल न आएं। इसमें आपकी, आपके परिवार की और पूरे शहर की भलाई है। ये ही आपका इस देश को सबसे बड़ा योगदान होगा। यदि हमने खुद को बचा लिया तो समझो देश को बचा लिया। आपका इतना योगदान ही काफी है।
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Rakesh Gandhi Editorial Incharge
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