आश्रय स्थलों की बदहाली पर महापौर ने जताई नाराजगी

महापौर ने बैठक में सख्ती दिखाते हुए कहा, आश्रय स्थलों में 3 दिन में रोशनी, सफ ाई, बिस्तर, पेयजल व नहाने धोने के पानी, प्राथमिक चिकित्सा किट, भोजन की उपलब्धता, स्थलों का सेनेटाइजेशन व रात्रि में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 10 Dec 2020, 11:29 AM IST

कोटा. कोटा उत्तर नगर निगम के आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर बुधवार को महापौर मंजू मेहरा ने बुधवार को अधिकारियों की बैठक लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों को तीन दिन में व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। पिछले दिनों राजस्थान पत्रिका ने समाचार प्रकाशित करके आश्रय स्थलों की समस्या को उजागर किया था। खुद महापौर भी तीन बार रात में औचक निरीक्षण कर चुकी हैं। उनके निरीक्षण के दौरान पाई गई खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सुधार नहीं हुआ। अभी व्यवस्थाएं कई जगह बदहाल हैं।
महापौर ने बैठक में सख्ती दिखाते हुए कहा, आश्रय स्थलों में 3 दिन में रोशनी, सफ ाई, बिस्तर, पेयजल व नहाने धोने के पानी, प्राथमिक चिकित्सा किट व नि:शुल्क भोजन की उपलब्धता, स्थलों का सेनेटाइजेशन व रात्रि में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। आश्रय स्थलों पर उपयोग में लिए जाने वाले गद्दे, चादर व रजाई, तकिए के कवर प्रति सप्ताह बदले जाएं और नई बिछावन की जाए। महापौर ने अधीक्षण अभियन्ता प्रेमशंकर शर्मा से कहा, हिन्दू धर्मशाला में व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त कर्मचारी दिनेश के खिलाफ कार्रवाई करें।

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