करियर के लिए यहां शादी ही नहीं कर रही है महिलाएं

करियर के लिए यहां शादी ही नहीं कर रही है महिलाएं

Mohmad Imran | Updated: 10 Aug 2019, 09:11:25 PM (IST) स्‍पेशल

-सरकार के सामने आर्थिक संकट, जन्म डॉ भी सबसे निचले स्तर पर
-महिलाएं यू-ट्यूब पर हैशटैग नो मैरिज और 'लिव अलोन लाइफ' मूवमेंट भी चला रही हैं

पेशे से अकाउंटेंट बैके हा-ना एक यू-ट्यूबर भी हैं जो 'सोलो-डॉरिटी' नाम का अंग्रेजी चैनल भी चलाती हैं। वे 'मी-होन' कहे जाने का विरोध कर रही हैं। दक्षिण कोरिया में इसका मतलब है ऐसी महिला जो जानबूझकर शादी नहीं करना चाहती हो। वे दक्षिण कोरियाई महिलाओं के उस समूह का हिस्सा हैं जो शादी और मातृत्त्व सुख को अस्वीकार कर रही हैं।

लेकिन देश में महिलाओं के ऐसे फैसलों से सरकार के लिए जनसांख्यिकीय और आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। क्योंकि वर्तमान में दक्षिण कोरिया दुनिया की सबसे कम जन्म दर और पेंशन फंडिंग की कमी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं श्रमिकों में कमी भी इस समस्या को बढ़ा रही है। बैके का कहना है कि समाज उनके 30 की उम्र में भी शादी न करने को मेरी विफलता के रूप में देखता है। लेकिन मेरा मानना है कि ऐसा न करके मैंने अपने लिए ज्यादा महत्त्वकांक्षी भविष्य को चुना है और इसमें कुछ गलत नहीं है।

52 फीसदी महिलाएं शादी के खिलाफ
बैके कहती हैं कि सरकार का वर्तमान रवैया महिलाओं को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। उनका तर्क है कि सरकार जन्म दर बढ़ाने के लिए जिन नीतियों का अनुसरण कर रही है वे महिलाओं के लिए प्रताडऩा से कम नहीं हैं। क्योंकि वे मां बनने के बाद माताओं के कॅरियर और बच्चों के पालन पोषण संबंधी वित्तीय मामलों में आने वाली कानूनी अड़चनों को दूर नहीं करते हैं। वहीं अगर जन्म दर की बात करें तो दक्षिण कोरिया 2016 के बाद से एशिया-प्रशांत क्षेत्र के आर्थिक सहयोग तथा विकास संगठन (ओईसीडी) देशों में सबसे निचले स्थान पर है। इस साल यह दर और भी कम है।

विश्व बैंक, दक्षिण कोरिया और प्यूर्टो रिको 2017 के संकलित आंकड़ों के अनुसार दक्षिण कोरिया में जन्म दर प्रतिप्रति 1 हजार पर सात बच्चों की जन्मदर है। इसके बाद जापान और फिर हांगकांग का नंबर आता है। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सांख्यिकी एजेंसी के अप्रेल में जारी आंकड़ों से पता चलता है कि जन्म दर फरवरी माह में पिछले साल की तुलना में 7 फीसदी से भी कम हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 में मृत्युदर जन्मदर से ऊंची रहने का अनुमान है। वहीं एजेंसी की एक अन्य रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कम ही महिलाएं हैं जो शादी को जरूरी मानती हैं। 2010 में, दक्षिण कोरिया में 64.7 फीसदी महिलाओं ने कहा था कि महिलाओं के लिए विवाह करना आवश्यक है जबकि 2016 में हुए सर्वे में केवल 47.1 फीसदी महिलाओं ने इस पर सहमती जताई।

सरकार दे रही नौकरी में प्रलोभन
सरकार विवाह विशेषकर मातृत्त्व सुख के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव की पेशकश भी कर रही है। दक्षिण कोरिया की नई प्रशासनिक राजधानी बनने वाली सेजोंग शहर में जून माह में आयोजित एक कार्यक्रम में 30 अविवाहित महिला-पुरुषों ने हिस्सा लिया था। कार्यक्रम का उ्ददेश्य एकल कामकाजी पुरुषों और महिलाओं को मनोरंजक गतिविधियों और वार्ता में शामिल कर शादी के लिए प्रोत्साहित करना था।

वहीं सरकार ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी अपने कद, वजन, रोजगार, पारिवारिक पृष्ठभूमि और एक नवीन फोटो के साथ आवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में 2027 तक श्रमिकों की आबादी 25 लाख तक घट जाएगी वहीं इस दौरान बुजुर्गों की आबादी 45 लाख तक बढऩे के आसार हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2017 में जहां 3.76 करोड़ लोग श्रमिक बल में शामिल थे वहीं 2067 तक यह संख्या घटकर 1.78 करोड़ लोग कम हो जाएंगे।

शादी हॉल और स्कूल हो रहे बंद
जनसांख्यिकीय परिवर्तन पहले से ही दक्षिण कोरिया में कुछ व्यवसायों पर दुष्प्रभाव डाल रहे हैं। सियोल शहर में 20 फीसदी मैरिज हॉल बंद हो गए हैं। सियोल शिक्षा विभाग ने साल की शुरुआत में घोषणा की कि वह सत्र के बाद तीन प्राथमिक और मध्य स्कूल बंद करने जा रहा है। ऐसे ही बुसान में बीते 9 साल में प्ले स्कूल के छात्रों में 26 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। 2010 में 199407 की तुलना में यह इस साल मार्च तक घटकर 147340 रह गई है। ऐसे ही मिडिल स्कूल के छात्रों की संख्या में 43 फीसदी और हाई स्कूल के छात्रों की संख्या में 40 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।


बैके का कहना है कि सरकार का महिलाओं को शादी करके बच्चे पैदा करने के लिए मजबूर करना उनकी संकीर्ण सोच दर्शाती है, जैसे समाज में यही महिलाओं की एकमात्र पहचान है। महिलाओं के प्रति यह रवैया दिखाता है कि सरकार और समाज उन्हें उपभोग की वस्तु समझते हैं, उनके लिए महिलाओं का वजूद है ही नहीं। इसलिए वे 'मी-होन' या 'अब तक कुंआरी' कहे जाने के सख्त खिलाफ हैं। इसकी बजाय वे खुद को 'बी-होन' कहलाना पसंद करती हैं कोरियन भाषा में जिसका अर्थ है ' न शादी करो न बच्चे पैदा करो'। वे 'हैशटैग नो मैरिज और 'लिव अलोन लाइफ' मूवमेंट के अलावा 'एलीट विदआउट मैरिज, आई एम गोइंग फॉरवर्ड' (ईएमआइएफ) की भी सदस्या हैं। यह महिलाओं के लिए संगोष्टी, फिल्मों की स्क्रीनिंग और नेटवर्किंग कार्यक्रमों का आयोजन करता है।

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