लॉकडाउन में बनाई लकड़ी की साइकिल, अब विदेशों तक है मांग

लॉकडाउन में जब काम मिलना बंद हो गया तब धनीराम सग्गू ने अपनी कला को इस देसी इंजीनियरिंग में ढाला

By: Mohmad Imran

Published: 07 Sep 2020, 02:14 PM IST

कोरोना (Covid-19) के शुरुआत में लगे लॉकडाउन (Lockdown) ने जहां हजारों लोगों से उनका रोजगार छीन लिया तो कुछ लोगों को आपदा में अवसर तलाशने का हुनर भी दिया। ऐसा ही कमाल कर दिखाया है पंजाब के बढ़ई धनीराम सग्गू। लॉकडाउन में जब काम मिलना बंद हो गया तो उन्होंने अपने हुनर को तराशने और समय बिताने के लिए कुछ नया करने का सोचा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर एक ऐसी साइकिल बनाने की सोची जो खालिस लकड़ी की बनी हो। जिरकापुर के 40 वर्षीय बढ़ई धनीराम ने घर में पड़ी लकडिय़ों और प्लाइवुड की मदद से ऐसी ही एक साइकिल बनाकर लोगों को हैरान कर दिया।

लॉकडाउन  में बनाई लकड़ी की साइकिल, अब विदेशों तक है मांग

संसाधनों की कमी से किया नवाचार
धनीराम ने बताया कि लॉकडाउन में समय बहुत था लेकिन काम नहीं था। उन्होंने इस मुश्किल वक्त को काटने और अपनी रचनात्मकता को परखने के लिए लकड़ी की साइकिल बनाने का सपना देखा। इसका एक कारण यह भी था कि उनके पास संसाधन के नाम पर घर में केवल लकड़ी और प्लाइवुड जैसी बढ़ई के काम में उपयोग आने वाली चीजें और उनकी पुरानी साइकिल ही उपलब्ध थीं। इसलिए उन्होंने इन्हीं से कुछ नया बनाने का सोचा।

लॉकडाउन  में बनाई लकड़ी की साइकिल, अब विदेशों तक है मांग

ऐसे बनाई 'वुडन साइकिल'
उन्होंने साइकिल के मैकेनिकों के काम को बारीकी से देखा और इसकी इंजीनियरिंग को समझा। इसके बाद उन्होंने अपना एक ब्लूप्रिंट डिजायन बनाया। फिर साइकिल के कुछ पार्ट्स और लकड़ी की मदद से उन्होंने इस पर काम शुरू कर दिया। अपनी पुरानी साइकिल के पैडल, रिम, सीट और साइड स्टैंड का भी इस्तेमाल किया और इसे लकड़ी की बॉडी से जोड़ दिया। पहला डिजायन तैयार करने में उन्हें करीब एक महीने का समय लगा। उन्होंने जब यह साइकिल पीजीआईएमईआर के प्रशासनिक अधिकारी राकेश सिंह को दिखाई तो उन्होंने इसे तुरंत खरीद लिया। अपने दूसरे प्रयास में धनीराम ने कैनेडियन वुड का इस्तेमाल किया जो काफी हल्की, सस्ती और टिकाऊ होती है।

लॉकडाउन  में बनाई लकड़ी की साइकिल, अब विदेशों तक है मांग

एक दिन में 25 किमी चलती
उनकी बनाई साइकिल का वजन 20 से 22 किलोग्राम के बीच है लेकिन वे इसे और हल्का बनाने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने disc ब्रेक का उपयोग किया है और साइकिल के अगले मॉडल में गियर भी लगाएंगे। एक निजी कंपनी इस साइकिल को 15 हजार रुपए में बेच रही है। इस साइकिल से एक दिन में 25 किलोमीटर की दूरी तय कर सकते हैं। धनी राम को अब दक्षिण अफ्रीका औरकनाडा के अलावा जालंधर, दिल्ली से भी खूब ऑर्डर मिल रहे हैं। वे अब तक ऐसी 8 साइकिलें बेच चुके हैं और फिलहाल 5 पर काम कर रहे हैं।

Mohmad Imran Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned