कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में ट्रांसजेंडर्स को मिला महिला छात्र के रूप में पढ़ाई का अधिकार

Dhirendra Mishra

Publish: Oct, 12 2017 11:53:13 (IST)

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कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में ट्रांसजेंडर्स को मिला महिला छात्र के रूप में पढ़ाई का अधिकार

नए अकादमिक सत्र से कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने ट्रांसजेंडरों को महिला छात्र के रूप में पढ़ाई करने की अनुमति दी।

 

कैम्ब्रिज का पहला कॉलेज
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के मरे एडवड्र्स कॉलेज ने प्रवेश नीति में बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत अब कर ट्रांसजेंडर्स यूनिवर्सिटी में एक महिला छात्र के रूप में प्रवेश ले सकती हैं। इतना ही नहीं वो नियमित रूप में क्लास अटेंड करने की भी हकदार होंगी। इस व्यवस्था की शुरुआत करने वाला एडवड्र्स कॉलेज कैम्ब्रिज का पहला कॉलेज हो गया हे।

बेहतर अवसर
कॉलेज प्रबंधन ने नई नीति को ट्रांसजेंडर्स के लिए एक बेहतर अवसर करार दिया है। प्रबंधन समिति से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इससे ट्रांसजेंडर्स को एक महिला छात्र के रूप में पहचान मिलेगी। अभी तक उनकी कोई स्वतंत्र पहचान नहीं थी। इससे उनका कांफिडेंस भी बढ़ेगा और वो अकादमिक गतिविधियों में अधिकारपूर्व भाग ले पाएंगी। क्योंकि प्रबंधन के इस निर्णय से उन्हें कानूनी अधिकार मिल गया है।

फर्क नहीं पड़ेगा
एडवड्र्स कॉलेज के अध्यक्ष डेम बारबरा स्टॉकिंग का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि उच्च शैक्षिक संस्थानों को नए-नए विचारों को जगह देनी चाहिए। इस बात को ध्यान में रखकर ही प्रबंधन ने खुलेतौर पर इस विचार पर अमल करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यहां पर हर तरह के युवा अध्ययन कर सकते हैं। ट्रांसजेंडर्स चाहे तो एक महिला के रूप में भी अध्ययन कर सकते हैं। कॉलेज की नीतियों पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि वो जब पैदा हुए थे तो उस वक्त पुरुष थे या स्त्री।

विरोध में उतरे नारीवादी प्राध्यापक
प्रबंधन के इस निर्णय के खिलाफ कॉलेज के प्राध्यापकों विरोध किया है। खासकर इस निर्णय के बाद से नारीवादी महिला प्राध्यापकों ने विरोध किया है। ऐसे प्राध्यापकों का कहना है कि इससे महिलाओं की अलग पहचान धूमिल होंगी। ट्रांसजेंडर्स को अभी तक एक अलग मसला रहा है। अभी तक यही तय नहीं है कि ट्रांसजेंडर को मर्द मानकर चले या पुरुष। ऐसे में प्रबंधन को पहले इस बात पर निर्णय लेना चाहिए कि क्या एक ट्रांसजेंडर महिला या पुरुष दोनों हो सकता है। अगर हां तो कैसे। क्योंकि कोई एक व्यक्ति या तो महिला कहलाएगा या फिर पुरुष। ये उसकी च्वाइस पर निर्भर नहीं करता बल्कि यह जन्म से ही तय हो जाता है।

 

 

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