केन्द्रीय विद्यालय संगठन ने एक कार्ययोजना तैयार की है। इसके अन्तर्गत शिक्षक आठवीं के छात्रों पर टैबलेट के जरिए नजर रखने का काम करेंगे।
पायलट प्रोजेक्ट
शुरुआती दौर में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर इस योजना को देश भर में फैले केवीएस के सभी कक्षाओं के छात्रों की गतिविधियों पर रखा जाएगा। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य छात्रों की अकादमिक गतिविधियों से जोड़कर रखना है। गणित और विज्ञान विषय इसके केन्द्र में होंगे। यह कदम छात्रों की शिक्षा में रुचि बनाए रखने के मकसद से उठाया गया है। इसके जरिए रीडिंग मैटीरिएल, असाइनमेंट का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाएगा।
निशुल्क दिए जाएंगे टैबलेट
पहले चरण में इसे केवीएस के सभी 25 जोनों के एक-एक स्कूलों के आठवीं कक्षा के छात्रों को शामिल करने की योजना है। इसके लिए 5,000 टैबलेट देश भर के छात्रों को मुहैया कराए जाएंगे। निशुल्क टैबलेट मुहैया कराने का मुख्य मकसद छात्रों को तकनीक से जोड़ने के साथ उनमें ऑनलाइन एजुकेशन के प्रति रुचि को बढ़ावा देना है। ताकि भारतीय छात्र ग्लोबल एजुकेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकें। छात्रों को टैबलेट के माध्यम से अकादमिक गतिविधियों को अंजाम देना होगा। ताकि शिक्षक उनकी गतिविधियों पर हर पल नजर रख सकें।
ऑनलाइन मूल्यांकन
इस योजना का मकसद केन्दीय विद्यालय के स्कूलों में पढऩे वाले छात्रों की शैक्षिक गतिविधियों का मूल्यांकन ऑनलाइन करने की है। ऐसा तभी संभव हो पाएगा जब आठवीं के छात्रों की गतिविधियों पर टैबलेट के जरिए नजर रखा जाए। बताया जा रहा है कि आगामी वर्षों में तकनीकों को आम जीवन में बढ़ते प्रयोग के मद्देनजर इस योजना पर काम शुरू करने का निर्णय लिया है। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने की स्थिति में इसके दायरे में सभी कक्षाओं के छात्रों को लाने की योजना है।
एमडीएमएस से लैस
एमएचआरडी मंत्रालय द्वारा टैबलेट सभी छात्रों को मुफ्त में मुहैया कराने की योजना है। इस टैबलेट का उपयोग उन्हें 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई के लिए करना होगा। 12वीं पास करने के बाद टैबलेट उन्हीं के पास रहेगा। यह टैबलेट मल्टी डिवाइस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर (एमडीएमएस) से लैस है।