इस बार महंगे हुए छाते, बारिश के साथ ही छातों की बिक्री शुरू

बाजार अब पकडेगा रफ्तार

By: ASHOK SINGH RAJPUROHIT

Published: 24 Jul 2020, 09:14 PM IST

चेन्नई. पिछले दिनों से रूक-रूक कर हो रही बारिश के साथ ही इन दिनों छातों की बिक्री भी शुरू हो गई है। हालांकि बारिश का मौसम अभी शुरू होना है लेकिन बिन मौसम की बारिश ने छातों को बाहर ला दिया है। दुकानों व फुटपाथों पर छाते सज चुके हैं तो छातों की बिक्री भी धीरे-धीरे रफ्तार पकडऩे लगी है।
बाहर निकले छाते
जुलाई के महीने में महानगर में कई बार बारिश हो चुकी है। ऐसे में लोगों ने छाते बाहर निकाल दिए हैं। दुकानों पर भी छातों की खरीद होने लगी है। अमूमन सितम्बर महीने से बारिश रफ्तार पकडऩे लगती है। बाजार में इस बार कई आकार-प्रकार में छाते बिक रहे हैं। हालांकि दुपहिया वाहन चालक के लिए छाते की बजाय बरसाती कोट अधिक मुनासिफ रहता है। ऐसे में वे बरसाती कोट खरीद रहे हैं।
सालभर होती है छातों की बिक्री
व्यापारियों की मानें तो आने वाले समय में छातों की बिक्री में और इजाफा होगा। वैसे तो छातों की बिक्री सालभर होती है लेकिन जून-जुलाई से छातों की बिक्री में तेजी आने लगती है। कई लोग बारिश के अलावा गर्मी के मौसम में भी गर्मी से बचाव के लिए छाता काम में लेते हैं। बाजार में छाते 80 रुपए से लेकर 200 रुपए मूल्य तक के मिल रहे हैं। इनमें टूफोल्ड एवं थ्रीफोल्ड छातों की मांग अधिक है। ये ऐसे छाते हैं जो काम में लेने के बाद जगह कम घेरते हैं तथा किसी बैग में भी आसानी से रखे जा सकते हैं। इस बार फुटपाथों पर भी छातों की दुकानें सजी हैं। बच्चों के लिए भी इस बार कई रंग-बिरंगे छाते बाजार में आए हैं।

छातों के दामों में बढोतरी
चेन्नई के साहुकारपेट के काशी चेट्टी स्ट्रीट में कृष्णा बैग हाउस के मालिक रामनिवास राजपुरोहित चम्पाखेडी कहते हैं, इस बार छाते अपेक्षाकृत महंगे हो गए हैं। मुख्य रूप से राजस्थान के फालना एवं मुम्बई से छाते आ रहे हैं। बरसाती कोट कोलकाता से अधिक आ रहे हैं। इस बार जहां छातों का उत्पादन होता हैं वहां श्रमिकों की कमी की वजह से अधिक उत्पादन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में छातों के दामों में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

ASHOK SINGH RAJPUROHIT
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