कोटा. कोरोना संक्रमण के चलते ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी में संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो शहर में आकर अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने से बच रहे हैं। उन्हें सार्वजनिक परिवहन और शहर की भीड़ में संक्रमण का डर सता रहा है। ऐसे में वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा की ओर से बुधवार को कोटा जिले के गांव कोटसुआ में चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय कोटा के चिकित्सकों की टीम ने कोटसुआ गांव के 140 मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया। इस गांव का विकास करने के लिए इसे विश्वविद्यालय ने गोद ले रखा है। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आर.एल गोदारा ने विश्वविद्यालय की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को भी सुना। नोडल अधिकारी डॉ. दिलीप शर्मा और सहायक कुलसचिव शिव कुमार शर्मा ने बताया कि डाक्टरों ने खांसी, दमा, श्वांस, हड्डी, बुखार, और जुकाम के अलावा अन्य मौसमी बीमारियों का उपचार कर निशुल्क दवाओं का वितरण किया। शिविर में डॉ बी.एल बंशीवाल, डॉ. एसएम ढाका और डॉ. धनराज मीणा ने ग्रामीणों को नि:शुल्क परामर्श दिया। शिविर से ग्रामीण काफ ी उत्साहित दिखे और कोरोना काल में विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज की पहल की उन्होंने सराहना की। प्रो गोदारा ने कहा कि उनका विश्वविद्यालय गांव में ऐसी गतिविधियां भविष्य में भी करता रहेगा। ग्रामीणों के जीवन में सुगम बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।

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