WILDLIFE : पांच दशक में 60 फीसदी कम हुए वन्यजीवों का दोषी कौन?

70 फीसदी हिस्से में वनक्षेत्र हैं स्वीडन (forest in sweden) में, जो विश्व में सर्वाधिक है। सबसे कम ओमान, कतर और जिब्राल्टर (oman, qatar, Gibraltar) में है। कुल वन क्षेत्र रूस में सर्वाधिक है।

By: pushpesh

Published: 01 Mar 2020, 07:49 PM IST

जयपुर.

तीन मार्च को वल्र्ड वाइल्डलाइफ डे है, यानी वन्यजीवन संरक्षण दिवस। पर्यावरण और पारिस्थितिक तंत्र के लिए जितने जरूरी वन हैं, उतने ही वन्यजीव भी। अमरीका की हवाई विवि के मुताबिक पृथ्वी पर जानवरों की 87 लाख प्रजातियां हैंं। हालांकि पहचान 13 लाख की हुई है। चिंता की बात ये है कि इनमें से 10 लाख प्रजातियों पर लुप्त होने का खतरा है, जो पर्यावरण में हो रहे प्रतिकूल बदलावों की ओर इशारा करता है। समय है वन्यजीवों के संरक्षण का।

इंसानी गलतियों की कीमत चुका रहे जीव
इंसानी गलतियों के कारण लगातार वन कम हो रहे हैं। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों और दक्षिण पूर्व एशिया में वनों के विनाश और रसायनों के प्रयोग से कई दुर्लभ प्रजातियों पर संकट खड़ा हो गया। इनमें कीट भी हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ के मुताबिक लुप्त होने का खतरा 40 फीसदी उभयचर और 25 फीसदी स्तनधारी प्रजातियों पर है। इनमें बाघ, विशालकाय पांडा, अफ्रीकी हाथी जैसे विशाल जीव शामिल हैं।

वन्यजीवों की ऐसे कर सकते हैं हिफाजत
* वन्यजीवों को बचाने के लिए आप भी एक वन्यजीव को गोद ले सकते हैं। इसका अर्थ ये नहीं कि आप उसे घर ले आएं, बल्कि उनके संरक्षण के लिए बने डब्लूडब्लूएफ (विश्व वन्यजीव कोष) में अपना अंशदान कर सकते हैं।
* यदि आप आर्थिक अंशदान नहीं दे सकते हैं तो समय दीजिए। कई संगठनों और चिडिय़ाघरों में ऐसे कार्यक्रम होते हैं, वहां आप समुद्री व जंगली जीव-जानवरों को बचाने के गुर सिखा सकते हैं।
* वन्यजीवों की तस्करी रोकने के उपाय और तरीकों को भी समझें।
* दुर्लभ और लुप्तप्राय वन्यजीवों के अंगों से बनीं वस्तुओं को खुद न खरीदें और दूसरों को भी मना करें, ताकि ये व्यवसाय थमे।
* कचरा जितना पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है, उतना ही वन्यजीवन के लिए घातक। इसलिए कचरे का नियोजित निस्तारण करें।
* वन्यजीवों के क्षेत्र में मानवीय दखल से 85 फीसदी लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए खतरा है। इसके लिए वन क्षेत्रों में आने-जाने पर रोकनी होगी। देसी पेड़ लगाकर, आद्र्रभूमि को बहाल कर और समुद्री तटों की सफाई कर खतरे को कम किया जा सकता है।

भारत में बढ़ा वनक्षेत्र
भारत में विश्व के कुल वन्यजीवों का 7.6त्न आबादी रहती है। हालांकि वन क्षेत्र तीन दशक में 2 फीसदी बढकऱ 22 फीसदी हो गए। 1987 में ये 20 फीसदी था।

आंकड़ों पर एक नजर
-20 फीसदी कम हुए अमेजन के जंगल पांच दशक में, पिछले वर्ष आग से संकट और बढ़ा
-03अरब परिंदे कम हो गए 50 वर्षों में उत्तरी अमरीका में। ज्यादातर उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों के

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