70 फ़ीसदी महिलाएं कोरोना वारियर्स

अध्ययन में आया सामने, कोरोना से लड़ रहे 10 में से 7 उच्च आय वाले राष्ट्रों में पुरुषों के पास है कमान
-राजनीति में इन देशों में 70 फीसदी पुरुष तो केवल 05 फीसदी महिलाएं ही सक्रिय राजनीति में
-कोरोना वायरस के दौर में GLOBAL HEALTH 50-50 की रिपोर्ट में आए कई चौंकाने वाले तथ्य

By: Mohmad Imran

Published: 18 Apr 2020, 02:38 PM IST

कोरोना वायरस के इस दौर में GLOBAL HEALTH SYSTEM स्वास्थ्य प्रणाली एक ऐसी व्यवस्था है जो न तो उचित है और न ही सभी देशों के संस्थागत एवं आधारभूत संसाधनों पर फिट ही बैठती है। हाल ही एक रिर्पोट में खुलासा हुआ कि इस समय कोरोना वायरस से लड़ रहे उच्च आय वाले 10 राष्ट्रों में से 7 की कमान पुरुष नेताओं के पास है। वहीं 80 फीसदी लोग उच्च आय वाले देशों के नागरिक हैं जबकि 90 फीसदी लोग इन देशों में शिक्षा प्राप्त हैं। जबकि हाशिए पर खड़ी महिलाएं ही कोरोना वायरस के समय फ्रंटलाइन में सामाजिक देखभाल और नर्सिंग के काम में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी निभा रही हैं।
दरअसल यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के वैश्विक स्वास्थ्य संस्थान की ओर से ग्लोबल हैल्थ 50-50 के एक हालिया अध्ययन में सामने आया कि कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में 70 फीसदी महिलाएं स्वस्थ्य और सेवा से जुड़े काम कर रही हैं। जबकि इन देशों में केवल 5 फीसदी महिलाएं ही सक्रिय राजनीति में उच्च पदों पर आसीन हैं। वहीं निम्न और मध्यम आय वाले देशों की तुलना में अमीर देशों में सत्ता केंद्रित है। संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त मानवाधिकार और चिली के पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बेचलेट का कहना है कि वर्तमान वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली लैंगिक असमानताओं का जवाब देने में विफल साबित हो रही है।

70 फ़ीसदी महिलाएं कोरोना वारियर्स

रिपोर्ट का अनुमान है कि इन देशों में संगठनों के वरिष्ठ स्तर पर लैगिंक समानता आने में अब भी 50 सालों का समय लग जाएगा। मिशेल बेचलेट ने कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी हम पिछड़ रहे हैं। दुनिया में केवल 30 फीसदी महिलाएं ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपने देशों का नेतृत्व कर रही हैं। फोरम की रिपोर्ट के अनुसार चार बड़े देश पाकिस्तान (94.6 फीसदी), भारत (94.4 फीसदी), वियतनाम (94.2 फीसदी) और चीन (92.6 फीसदी)इससूची में सबसे निचले पायदान पर हैं। यानि इन चारों देशों की लाखों महिलाओं तक अन्य देशों की तुलना में स्वास्थ्य सेवाओं तक एक समान पहुंच नहीं है। ग्लोबल हैल्थ 50-50 की रिपोर्ट बताती है कि 2018 से 2020 तक विश्व की 139महिला सीईओ की कुल संख्या में सिर्फ एक सदस्य का ही इजाफा हुआ है। 2018 में केवल 28 फीसदी वरिष्ठ प्रबंधन दल लैंगिक समानता को लागू कर सके हैं। इस वर्तमान दर से हम वर्ष 2074 तक वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों में वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर महिलाओं की ज्यादा भागीदारी नहीं देख सकेंगे।

70 फ़ीसदी महिलाएं कोरोना वारियर्स
Mohmad Imran Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned