नीरज चोपड़ा के सम्मान में बड़ा फैसला, अब हर वर्ष 7 अगस्त को मनाया जाएगा जेवलिन थ्रो डे

नीरज ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि वह इस सम्मान से खुद को बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सुनकर अच्छा लगा कि इस दिन को ऐतिहासिक बनाया जाएगा।

By: Mahendra Yadav

Updated: 10 Aug 2021, 01:51 PM IST

टोक्यो ओलंपिक 2020 में भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा पर इनामों की बरसात हई और हर जगह उन्हें सम्मान भी मिल रहा है। अब भारतीय एथलेटिक महासंघ ने भी गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा के सम्मान में एक बड़ा फैसला लिया है। भारतीय एथलेटिक महासंघ की समीति ने फैसला किया है कि देश में हर साल 7 अगस्त को जेवलिन थ्रो डे मनाया जाएगा। वहीं नीरज ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि वह इस सम्मान से खुद को बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सुनकर अच्छा लगा कि इस दिन को ऐतिहासिक बनाया जाएगा।

नीरज ने 7 अगस्त को ही जीता गोल्ड
नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में जेवलिन थ्रो के फाइनल राउंड में 7 अगस्त को ही गोल्ड मेडल जीता था। वहीं भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) ने 7 अगस्त को जेवलिन थ्रो डे मनाने का यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इस खेल से जोड़ा जा सके। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के योजना आयोग के अध्यक्ष ललित भनोट ने यह जानकारी दी। वे टोक्यो ओलिंपिक में भाग लेने वाले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट्स के सम्मान समारोह के दौरान बोल रहे थे।

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90 मीटर का सपना पूरा करूंगा—नीरज
सम्मान समारोह के दौरान नीरज ने कहा कि वह जल्द ही 90 मीटर थ्रो का रिकॉर्ड अपने नाम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में यह संभव नहीं हो पाया लेकिन वहां यह ज्यादा जरूरी था कि एथलेटिक्स में मेडल मिले और ऐसा ही हुआ। खास बात यह रही कि हमें यह मेडल गोल्ड के रूप में मिला। इस बात की बहुत खुशी है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी को एक मेडल से संतुष्ट नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह पहले भी कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीत चुके हैं। अब आगे भी कॉमनवेल्थ गेम्स और अन्य विश्व प्रतियोगिताओं में वह जीतना चाहते हैं।

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इस वजह से हुई कुछ थ्रो में गड़बड़
जब नीरज से पूछा गया कि आखिरी छठा थ्रो करते वक्त उनके मन में क्या था? क्या कुछ गड़बड़ भी हुई थी? इस पर नीरज ने कहा कि उनके कुछ थ्रो खराब हो गए थे। उन्होंने कहा कि जेवलिन थ्रो बहुत टेक्नीकल होता है। वह अपना बेस्ट देने की कोशिश कर रहे थे, यही चीज दिमाग पर हावी थी। इस चक्कर में कुछ गड़बड़ हुई।

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