एशियाई यूथ और जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंचे विश्वामित्र

दुबई में जारी एशियाई यूथ और जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप के दूसरे दिन 3 अन्य भारतीयों के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

By: भूप सिंह

Published: 22 Aug 2021, 07:31 PM IST

 

विश्व युवा मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले विश्वामित्र चोंगथम (51 किग्रा) ने दुबई में जारी एशियाई यूथ और जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप के दूसरे दिन 3 अन्य भारतीयों के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश किया। मणिपुर के नाटे कद के मुक्केबाज विश्वामित्र कजाकिस्तान के केंझे मुरातुल के लिए बहुत मजबूत थे। उन्होंने 5-0 की आसान जीत हासिल की। क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतने और सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ-साथ कम से कम अपने लिए कांस्य पदक पक्का करने से पहले विश्वामित्र ने पूरे मुकाबले में तेज गति और तकनीकी कौशल दिखाया।

क्वार्टर फानइल में दुर्गम करीम को हराया था
मिडिलवेट क्वार्टर फाइनल में दीपक (75 किग्रा) ने इराक के दुर्गम करीम के खिलाफ पूरी तरह हावी रहे। मुकाबला शुरु होने के साथ ही दीपक ने मुक्के बरसाने शुरू कर दिए। उन्होंने तीसरे दौर में अपने प्रतिद्वंद्वी पर घूंसे की झड़ी लगा दी और परिणामस्वरूप रेफरी को प्रतियोगिता रोकनी पड़ी। हरियाणा के राष्ट्रीय चैंपियन अभिमन्यु लौरा (92 किग्रा) ने भी किर्गिस्तान के टेनिबेकोव संजर को एकतरफा मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और अपने लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का किया। दूसरे दौर में रेफरी स्टॉपिंग द कॉन्टेस्ट (आरएससी) के साथ दुबले-पतले और मजबूत भारतीय को विजेता घोषित किया गया।

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प्रीति भी सेमीफानइल में पहुंची
महिला वर्ग में प्रीति (57 किग्रा) ने अपना मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। प्रीति ने मैच के दूसरे राउंड में आरएससी के फैसले से जीत का दावा करते हुए मंगोलिया के तुग्सजरगल नोमिन को मात दी। दूसरी ओर, आदित्य जंघू (86 किग्रा) दूसरे दिन हारने वाले अकेले भारतीय थे। जंघू को क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के टेमरलान मुकातायेव से हार का सामना करना पड़ा था।

टूर्नामेंट के तीसरे दिन छह भारतीय जूनियर मुक्केबाज एक्शन में नजर आएंगे। कृष पाल (46 किग्रा), आशीष (54 किग्रा), अंशुल (57 किग्रा), प्रीत मलिक (63 किग्रा), भरत जून (81 प्लस किग्रा) अपने-अपने क्वार्टर फाइनल में खेलेंगे जबकि गौरव सैनी (70 किग्रा) सेमीफाइनल में भिड़ेंगे। महामारी के कारण लगभग दो वर्षो के अंतराल के बाद आयोजित की जा रही एशियाई चैंपियनशिप एशियाई स्तर पर होनहार युवा प्रतिभाओं को बहुत आवश्यक प्रतिस्पर्धा प्रदान करेगी।

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इस चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने वाले प्रमुख मजबूत मुक्केबाजी देशों में कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं और इनकी मौजूदगी के कारण इस आयोजन में एक रोमांचक प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। युवा आयु वर्ग के स्वर्ण पदक विजेताओं को 6,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी, जबकि रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमश: 3,000 डॉलर और 1,500 डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। हालांकि, जूनियर चैंपियनशिप में क्रमश: रजत और कांस्य पदक विजेताओं के लिए 4,000 डॉलर और 2,000 डॉलर और 1,000 डॉलर से सम्मानित किया जाएगा।

भूप सिंह
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