मेडल बहुत सारी महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण- दीपा मलिक

उन्होंने कहा कि उम्र कितनी भी क्यों ना हो, सपनों में अगर जान है और हौसले में दम हो तो आप कुछ भी कर सकते हैं। वह चाहे स्वस्थ्य हो या दिव्यांग हो। उन्होंने कहा कि मैंने 46 की उम्र में मेडल जीता है।

By: Prashant Jha

Published: 12 May 2020, 01:12 PM IST

खेल

नई दिल्ली । रियो पैरालम्पिक में सिल्वर मेडल जीत चुकीं दीपा मलिक ने कहा कि मेडल बहुत सारी महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण है। उन्होंने कहा कि उम्र कितनी भी क्यों ना हो, सपनों में अगर जान है और हौसले में दम हो तो आप कुछ भी कर सकते हैं। वह चाहे स्वस्थ्य हो या दिव्यांग हो। उन्होंने कहा कि 46 की उम्र में मेडल जीतने का सपना देखना इतना भी मुश्किल काम नहीं है।

बता दें कि दीपा मलिक पैरालम्पिक खेलों में पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं। दीपा ने रियो पैरालम्पिक-2016 में गोला-फेंक में सिल्वर मेडल जीता था। 29 अगस्त 2019 को उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड मिला था। यह अवॉर्ड पाने वाली दूसरी पैरा-एथलीट थीं। उनसे पहले भालाफेंक खिलाड़ी देवेंद्र झाजरिया ने 2017 में यह पुरस्कार अपने नाम किया था।

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