खेल संघों को राजनीति का अखाड़ा ना बनाएं- अशोक ध्यानचंद

पत्रिका कीनोट सलोन में ओलम्पिक के जादूगर मेजर ध्यानचंद के बेटे और ओलंपिक विजेता अशोक ध्यानचंद ने कहा निश्चित तौर पर खेलों में राजनीति का दबदबा है।

By: Prashant Jha

Updated: 02 May 2020, 08:24 PM IST

खेल

नई दिल्ली। पत्रिका कीनोट सलोन में ओलम्पिक के जादूगर मेजर ध्यानचंद के बेटे और ओलंपिक विजेता अशोक ध्यानचंद ने कहा निश्चित तौर पर खेल में राजनीति होती है। हर खेल में राजनीतिक लोग शामिल हैं। राजनीति के बगैर खेल नहीं हो रहा। आज सलेक्शन कमेटी में मनी और पॉवर का बोलबाला है।

राजनीतिक दबदबा के कारण आज फेडरेशन में कुछ लोग ऐसे हैं जो बिना काम किए पैसा ले रहे हैं। उसकी वजह से अच्छे खिलाड़ियों का चयन नहीं हो पा रहा है और हॉकी में हम लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। ऐसे में जरूरत है कि नेता और जिम्मेदार लोग खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ाने पर जोर दें । उनकी जरूरतों को पूरी करें। अशोक ध्यानचंद ने कहा कि खेल संघों को राजनीतिक का अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए।

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