कभी हड्डी कहकर चिढ़ाते थे लोग, मिस्टर यूनिवर्स चैंपियनशिप में जीत लिया सिल्वर मेडल

किसी के शब्दों को किस तरह से इस्तेमाल करना है ये तो इंसान की समझ और नज़रिए पर ही निर्भर करता है।

By: Priya Singh

Published: 09 Dec 2017, 07:34 PM IST

नई दिल्ली। कभी किसी के द्वारा चिढ़ाए जाने का अच्छा फायदा भी मिल जाता है तो कभी इसका बुरा प्रभाव भी देखने को मिलता है। वैसे किसी के शब्दों को किस तरह से इस्तेमाल करना है ये तो इंसान की समझ और नज़रिए पर ही निर्भर करता है। इसी कड़ी में एक शख्स ऐसा भी जिसने अपने दोस्तों की नेगेटिव बातों को एक पॉज़िटिव तरीके से लिया कि आज दुनिया के हर कोने में मशहूर हो गए हैं।

दरअसल हरियाणा में पानीपत ज़िले के छोटे से गांव के रहने वाले प्रवीण नांदल ने बॉडी बिल्डिंग की दुनिया में ऐसा नाम बनाया कि अब वे पूरी दुनिया में एक हीरो बन गए हैं। प्रवीण ने इस महीने फिनलैंड में आयोजित हुए मिस्टर यूनिवर्स बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर न सिर्फ हरियाणा का नाम रोशन किया है बल्कि पूरे विश्व में देश का नाम भी रोशन कर दिया है।

बता दें कि प्रवीण 90 किलो वेट कैटेगरी में थे। इस बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में कुल 17 देशों के बड़े-बड़े बॉडी बिल्डर हिस्सा लेने के लिए आए हुए थे। जबकि इससे ठीक पहले ही इटली में हुए मिस्टर ओलंपिया बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में प्रवीण ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। हालांकि यह जीत उन्होंने 85 किलो वेट कैटेगरी में हासिल की थी।

इस शानदार जीत के बाद प्रवीण ने बताया कि एक समय पर वे काफी कमज़ोर हुआ करते थे। उस वक्त लोग उन्हें काफी ताने मारते थे और हड्डी-हड्डी कहकर बहुत चिढ़ाया करते थे। फिर प्रवीण के बड़े भाई ने उन्हें जिम करने की सलाह दे डाली। प्रवीण के बड़े भाई का नाम सुनील है, जो उनके कोच भी हैं। जिम शुरु करने के बाद उन्हें बॉडी बिल्डिंग में काफी दिलचस्पी हो गई। जिसके बाद वे ऐसी तमाम बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में प्रतिभागी के तौर पर हिस्सा लेने लगे।

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