विंबलडन: भारतीय-अमरीकी समीर बनर्जी ने जीता लड़कों का एकल खिताब

समीर बनर्जी विंबलडन चैंपियनशिप के फाइनल में हमवतन विक्टर लिलोव को 7-5, 6-3 से हराकर ग्रैंड स्लैम लड़कों का एकल खिताब जीतने वाले पहले भारतीय-अमरीकी खिलाड़ी बने।

By: भूप सिंह

Published: 11 Jul 2021, 09:14 PM IST

 

नई दिल्ली। समीर बनर्जी विंबलडन चैंपियनशिप के फाइनल में हमवतन विक्टर लिलोव को रविवार को एक घंटे 21 मिनट में 7-5, 6-3 से हराकर ग्रैंड स्लैम लड़कों का एकल खिताब जीतने वाले पहले भारतीय-अमरीकी खिलाड़ी बने। प्रकाश अमृतराज और उनके चचेरे भाई स्टीफन अमृतराज जैसे भारतीय-अमरीकी खिलाड़ी सर्किट पर खेले हैं और कुछ खिताब भी जीते हैं लेकिन समीर ग्रैंड स्लैम में लड़कों का एकल खिताब जीतने वाले पहले भारतीय-अमरीकी खिलाड़ी हैं। चार भारतीयों-रामनाथन कृष्णन, रमेश कृष्णन, लिएंडर पेस और युकी भांबरी ने ग्रैंड स्लैम स्पर्धाओं में लड़कों का एकल खिताब जीता है।

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न्यू जर्सी के 17 वर्षीय दाएं हाथ के खिलाड़ी ने सेमीफाइनल मुकाबले में दो घंटे से कम समय में साशा को 7-6 (3), 4-6, 6-2 से हराया। छह साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू करने वाले समीर हाल ही में फ्रेंच ओपन के पहले दौर में हार गए थे। मैच के बाद समीर ने कहा, ‘यह गजब का अनुभव था। यह निश्चित रूप से सबसे बड़ी भीड़ है जिसके सामने मैं खेला। और मुझे लगता है कि मेरे पास अधिकांश भाग के लिए भीड़ का समर्थन था, इसलिए यह एक अद्भुत अनुभव था, और फिर उसके ऊपर जीतना कुछ ऐसा है जो मैं 'हमेशा याद रखूंगा।'

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हालांकि उन्होंने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट्स में से एक का खिताब जीता है लेकिन बावजूद इससे वह अभी भी कॉलेज जाना चाहते हैं। समीर ने कहा,'मुझे लगता है कि मेरे लिए कॉलेज एक अच्छी चरित्र-निर्माण की चीज होगी, क्योंकि मुझे यकीन नहीं है कि मैं अभी पूरी तरह से पेशेवर होने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं, इसलिए अभी के लिए, मैं अभी भी शायद कॉलेज जाने वाला हूं।'

भूप सिंह
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