11 इइए समिति के सहायक व्यवस्थापक ने फर्जी हस्ताक्षर कर फसली ऋण उठाया, जांच में दोषी

Krishan Ram | Updated: 18 Sep 2019, 09:17:28 PM (IST) Sri Ganganagar, Sri Ganganagar, Rajasthan, India

11 इइए समिति के सहायक व्यवस्थापक ने फर्जी हस्ताक्षर कर फसली ऋण उठाया, जांच में दोषी

-जीकेएसबी के एमडी ने कहा कि सहायक व्यवस्थापक जांच में दोषी,अब होगा उसके खिलाफ मुकदमा

श्रीगंगानगर. दी गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक की बींझबायला शाखा की ग्राम सेवा सहकारी समिति 11 इइए के सहायक व्यवस्थापक विनोद कुमार ने समिति अध्यक्ष हरफूल सिंह जाखड़ और समिति व्यवस्थापक चेतराम की बिना अनुमति के फर्जी हस्ताक्षर कर नरेंद्र कुमार के नाम दस हजार रुपए का फसली ऋण उठा लिया।
जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि सहायक व्यवस्थापक ने बींझबायला बैंक शाखा के प्रबंधक की बिना स्वीकृति के बैंक के रिकॉर्ड की फोटो प्रति करवाकर सदस्य नरेंद्र कुमार के फर्जी हस्ताक्षर कर 29 सितंबर 2018 को दस हजार रुपए का फसली ऋण उठा लिया। जांच रिपोर्ट में साबित हुआ है कि यह राशि सहायक व्यवस्थापक ने खुद उठाई है। शहर की पुरानी आबादी रवि चौक निवासी मनीष कुमार ने इसकी शिकायत सहकारिता मंत्री, रजिस्ट्रार और बैंक के प्रशासक को की है। इस पर दी गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक भूपेंद्र सिंह ज्याणी ने इस प्रकरण की जांच दी गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक चूनावढ़ शाखा के ऋण पर्यवेक्षक नेतराम झाझडिय़ा से करवाई। जांच रिपोर्ट में11 इइए ग्राम सेवा सहकारी समिति के सहायक व्यवस्थापक की इस प्रकरण में गंभीर लापरवाही मानने और समिति अध्यक्ष हरफूल सिंह व समिति व्यवस्थापक चेतराम के फर्जी हस्ताक्षर कर राशि उठाकर बदनाम करने की कोशिश की गई। इस प्रकरण में जांच अधिकारी ने समिति के सहायक व्यवस्थापक विनोद कुमार को हटाने की अनुशंसा तक की है।

--क्या थी शिकायत--

शिकायतकर्ता का आरोप है कि 11 इइए ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष हरफूल सिंह जाखड़ के पुत्र नरेंद्र कुमार के नाम से अल्पकालीन फसली ऋण उठा लिया। जबकि जाखड़ का पुत्र वियतनाम विदेश में रहता है। उसकी गैर मौजूदगी में बैंक स्टाफ से मिलकर फर्जीवाड़ा कर समिति से 50 हजार रुपए अल्पकालीन ऋण उठाने का आरोप लगाया था। जबकि जांच रिपोर्ट में समिति अध्यक्ष व समिति व्यवस्थापक की बजाए सहायक व्यवस्थापक को दोषी माना गया है।

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जांच में दोषी पाया गया

ग्राम सेवा सहकारी समिति 11 इइए की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। इसका परीक्षण करवा रहा हूं। जांच रिपोर्ट में समिति अध्यक्ष और समिति व्यवस्थापक के फर्जी हस्ताक्षर कर समिति के सहायक व्यवस्थापक विनोद कुमार ने दस हजार रुपए का नरेंद्र कुमार के नाम से फसली ऋण उठाया है। जांच रिपोर्ट में इसको दोषी माना है और अब समिति अध्यक्ष को सहायक व्यवस्थापक को हटाने और फर्जीवाड़ा करने पर मुकदमा दर्ज करवाने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।

-भूपेंद्र सिंह ज्याणी, प्रबंध निदेशक, दी गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक,श्रीगंगानगर।

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