75 साल बाद महेन्द्रकौर को पाकिस्तान के मुस्लिम परिवार में मिला बिछड़ा भाई अर्जुन, एक-दूजे को देख दोनों के बहे आंसू

नीयती का खेल एेसा था कि बहन भाई बिछड़े तो बहन सिख परिवार से थे लेकिन, जब मिलन हुआ तो बहन भारत के पटियाला में बहन सिख परिवार की मुखिया तो भाई पाकिस्तान के रावलपिंडी में मुस्लिम परिवार ( PAKISTANI FAMILY ) का मुखिया निकला। ( Brother Sister Story )

रायसिंहनगर.
करीब साढे सात दशक पहले हुए बटवारे में अपने तीन भाइयों को खो चुकी महेन्द्रकौर की पथराई आंखों में उस समय पानी भर आया जब उसका छोटा भाई अर्जुनसिंह पाकिस्तान के रावलपिंडी में मिल गया। नीयती का खेल एेसा था कि बहन भाई बिछड़े तो बहन सिख परिवार से थे लेकिन, जब मिलन हुआ तो बहन भारत के पटियाला में बहन सिख परिवार की मुखिया तो भाई पाकिस्तान के रावलपिंडी में मुस्लिम परिवार ( PAKISTANI FAMILY ) का मुखिया निकला।

व्हाट्सअप ग्रुप में महेन्द्रकौर का वीडियो हुआ वायरल ( Brother Sister Story )

रायसिंहनगर के विस्थापित कश्मीरी सिख समाज के युवक एवं अधिवक्ता हरपालसिंह सूदन की ओर से सोशल मीडिया पर बनाए गए एक ग्रुप से यह सब संभव हो पाया। हरपालसिंह ने पीओके से विस्थापित हुए कश्मीरी सिख समाज के लोगों का एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया हुआ है। इसी व्हाट्सअप ग्रुप में पटियाला निवासी हरजीतसिंह ने अपनी माता महेन्द्रकौर का वीडियो वायरल किया। इसी वीडियो में बताई गई पहचान के आधार पर ग्रुप के एक सदस्य इमरान ने पाकिस्तान में महेन्द्रौर के भाई अर्जुनसिंह को खोज निकाला।

अर्जुन को एक मुस्लिम परिवार ने पाला

गदर में बिछुडऩे के बाद अर्जुन को एक मुस्लिम परिवार ने पाला पोसा। अब वह मुस्लिम परिवार का मुखिया है। उस समय अर्जुन चार साल का था और महेन्द्रकौर आठ साल की थीं। महेद्रकौर बताती है कि 1947 के विभाजन से पूर्व उनका परिवार तत्कालीन मुजफराबाद के कुमीकोट ईलाके में रहता था। गदर के दौरान मची भगदड़ में वह अपनी दादी के साथ जम्मु कश्मीर के रास्ते भारत आईं। रास्ते में उसने अपनी दादी को भी खो दिया तथा उसके दो अन्य भाई अंतरसिंह व हरबंशसिंह भी मारे गए। उसका चार साल का छोटा भाई वहीं बिछड़ गया जबकि उसे उसके रिश्ते में चाचा ने संभाला तथा पाल पोसकर बड़ा किया। उसके तीन बेटे हरजीतसिंह, गुरचरणसिंह व हरबंशसिंह हैं।

भाई से मिलने करतारपुर साहिब जाएगी बहन


दोनों भाई बहनों के मिलन के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। परिवार के सदस्यों ने निर्णय लिया है कि दोनों भाई बहनों को मिलाने के लिए पूरा परिवार जल्द ही करतारपुर साहिब जाएगा तथा वहीं पर दोनों का मिलन करवाया जाएगा। फिलहाल दोनों भाई बहनों की मोबाइल पर बातचीत हो रही है।


इसी ग्रुप में पहले भी हो चुका मिलन

अधिवक्ता हरपालसिंह द्वारा बनाए गए ग्रुप में पीआेके के लोग बड़ी संख्या में जुड़े हैं जो पारिवारिक सूचनाओं का आदान प्रदान करते हैं। पूर्व में रायसिंहनगर निवासी बाबा रणजीतसिंह की भी दशकों पूर्व बिछड़ी उनकी सगी बहन से मुलाकात संभव हो पाई थी।

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abdul bari
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