Video: 7वां वेतन आयोग: कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

सातवें वेतन आयोग में केन्द्र के अनुरूप लाभ नहीं मिलने के विरोध में गुरुवार को जिले के विभिन्न कर्मचारी संगठनों में आक्रोश फूट पड़ा।

By: pawan uppal

Updated: 10 Nov 2017, 08:11 AM IST

श्रीगंगानगर.

सातवें वेतन आयोग में केन्द्र के अनुरूप लाभ नहीं मिलने के विरोध में गुरुवार को जिले के विभिन्न कर्मचारी संगठनों में आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने एकजुट होते हुए अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले शाम पांच बजे कलक्टे्रट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। वहां कर्मचारी नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राज्य सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। कर्मचारी नेहरू पार्क से रैली के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे।

रैली करीब एक किलोमीटर लंबी थी। इससे पहले विभिन्न कर्मचारी संगठनों की नेहरू पार्क में संयुक्त बैठक हुई। इसमें कर्मचारी नेताओं ने सातवें वेतन आयोग की अधिसूचना में छोड़ी गई विसंगतियों और एरियर को लेकर आरपार की लड़ाई लडऩे के लिए एकजुट होने का निर्णय किया। शीघ्र ही इससे भी बड़ा प्रदर्शन कर सरकार की नाक में दम करने पर सहमति बनी। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांग राज्य सरकार ने नहीं मानी तो सरकार को भुगतना होगा। पिछली बार चुनावों में कर्मचारियों और उनके परिवारों भाजपा को तन मन धन से सहयोग दिया था। जिसके बूते राज्य में भारी बहुमत से पार्टी की सरकार बनी। अब यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो कर्मचारियों और उनके परिवारों की नाराजगी सरकार को भारी पड़ेगी।

सभा के बाद निकाली रैली

नेहरू पार्क में सभा के बाद कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने रैली निकाली। जो मुख्य मार्ग से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। रैली में विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। काफी संख्या में महिला कर्मचारी रैली में शामिल हुईं। कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री ने नाम सात सूत्री मांगपत्र सौंपा।

ये हैं कर्मचारियों की मांगें

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रवक्ता सतीश शर्मा ने बताया कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें केन्द्र के अनुरूप 1 जनवरी 2016 से लागू कर समस्त परिलाभ देते हुए एरियर देने की मांग की गई है। -राज्य सरकार की अधिसूचना 30 अक्टूबर 2017 से अनुसूची 5 में किए गए संशोधनों को निरस्त कर वित्त विभाग की ओर से पूर्व में जारी अधिसूचना के अनुसार निर्धारित मूल वेतनमान देते हुए पे मेट्रिक्स निर्धारित की जाए।

सातवें वेतन आयोग के संबंध में जारी अधिसूचना में पे मेट्रिक्स में शीघ्र संशोधन कर केन्द्र सरकार की ओर से जारी की जाए। -वर्ष 2004 के बाद नियुक्त राज्य कर्मचारियों के लिए नवीन पेंशन योजना के स्थान पर शीघ्र ही पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। -सुराज संकल्प पत्र-2013 में कर्मचारी कल्याण के लिए की गई घोषणाओं की क्रियान्विति में सभी अधीनस्थ, मंत्रालयिक और अन्य संवर्गों की वेतन विसंतियां दूर की जाए। राज्य में पीपीपी, ठेका प्रथा, निजीकरण और पदों की कटौती भी तुरन्त प्रभाव से बंद करने की मांग की गई है।

इन कर्मचारी नेताओं ने किया संबोधित शिक्षक संघ के अभिमन्यु भदौरिया, ललित कौशिक, गुरमीत ङ्क्षसह गिल, जसकरण सिंह बराड़,राधेश्याम यादव, आयुर्वेद विभाग के बंशीलाल यादव, नर्सिंग एसोसिएशन के श्याम गोस्वामी, पीएचईडी के बीरबल ङ्क्षसह, मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के सतीश शर्मा, ओम बिश्नोई और शंकर दुग्गल आदि ने संबोधित किया।

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