पांच हजार रुपये में तय हुआ सौदा, एसीबी ने बुना जाल, धरा गया विकास अधिकारी

पांच हजार रुपये में तय हुआ सौदा, एसीबी ने बुना जाल, धरा गया विकास अधिकारी

Rajesh | Publish: Jul, 13 2018 07:20:36 PM (IST) Sri Ganganagar, Rajasthan, India

पांच हजार रुपये में तय हुआ सौदा, एसीबी ने बुना जाल, धरा गया विकास अधिकारी

श्रीगंगानगर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुक्रवार सुबह सादुलशहर इलाके की ग्राम पंचायत पन्नीवाली के ग्राम विकास अधिकारी को पट्टा बनाने की एवज में तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पूरा सौदा पांच हजार रुपए में तय हुआ था। लेकिन इस बीच आरोपित एसीबी के शिकंजे में आ गया। अब एसीबी की टीम आरोपी के रिकॉर्ड खंगालने में लगी है।

 

एसीबी ने आरोपी के घर की ली तलाशी

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद ढिंढारिया ने बताया कि 9 एलएलजी दूधिया वाली ढाणी, सादुलशहर निवासी परिवादी सुरेंद्र कुमार ने शिकायत दी कि पिता के नाम आवासीय पट्टे के पंजीयन के लिए 200 रुपए की रसीद कटाई थी। इस दौरान पन्नीवाली के ग्राम विकास अधिकारी सुखपाल सिंह पुत्र कन्हैयालाल ने पट्टा बनाने के लिए पांच हजार रुपए रिश्वत की मांग की। शिकायत के बाद ब्यूरो अधिकारियों ने गुरुवार को मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी सुखपाल सिंह ने पांच सौ रुपए की रिश्वत ली और शेष तीन हजार रुपए लेना तय हुआ। शुक्रवार को परिवादी रिश्वत के तीन हजार रुपए लेकर पंचायत कार्यालय में आरोपी सुखपाल सिंह के पास गया। आरोपी ने रिश्वत की राशि ले ली। इस राशि को लेकर पहले उसने शर्ट की जेब में रख ली तथा फिर राशि को जेब से निकालकर अपनी सीट के फटे हुए हिस्से में डाल दिया। इसी दौरान ब्यूरो की टीम ने छापा मारकर रिश्वत की राशि बरामद कर आरोपी ग्राम विकास अधिकारी सुखपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से ब्यूरो की टीम ने पट्टे की फाइल जब्त कर ली है। जिसमें कहीं भी साइन नहीं है। ग्राम पंचायत में कार्रवाई के बाद ब्यूरो की टीम ग्राम विकास अधिकारी को लेकर जवाहरनगर स्थित उसके घर पहुंची और वहां भी जांच-पड़ताल की गई।

 

रजिस्ट्रेशन हुए नहीं और बांट दिए पट्टे

इस कार्रवाई के दौरान परिवादी की ओर से ब्यूरो अधिकारियों को पट्टे के खेल के संबंध में जानकारी दी है। परिवादी ने आरोप लगाया है कि पिछले दिनों पट्टा वितरण शिविर में पट्टे बनाए गए थे। शिविर में अधिकारियों की मौजूदगी में ये पट्टे दे दिए गए और रजिस्टेशन के लिए वापस ले लिए। उसका पट्टा भी ऐसे ही वापस लिया गया, जिसका रजिस्टे्रशन नहीं हुआ था। उसने पट्टा रजिस्ट्रेशन के लिए दो सौ रुपए की फीस भी भर दी लेकिन, फिर भी आरोपित ने उससे रिश्वत की मांग की।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned