रेकॉर्ड मिलने के बाद अन्य ईमित्रा पर जांच करेगी एसीबी, कॉर्मिकों की मिलीभगत की जांच

एसीबी की टीम अन्य ईमित्रा पर भी जांच करेगी

By: Raj Singh

Published: 21 Nov 2020, 11:00 PM IST

श्रीगंगानगर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से तीन ई मित्रा संचालकों को छात्रवृत्ति में कमीशन खोरी में गिरफ्तारी के बाद अब विभाग से रेकॉर्ड मांगा है। इसके बाद एसीबी की टीम अन्य ईमित्रा पर भी जांच करेगी। साथ ही इस प्रकरण को लेकर विभागीय कॉर्मिकों के मिलीभगत की संभावना भी तलाशी जा रही है।


एसीबी सूत्रों से जानकारी मिली है कि शुक्रवार को लेबर ऑफिस से छात्रवृत्ति का रेकॉर्ड मांगा गया है। अभी पूरा रेकॉर्ड नहीं मिल पाया है। रेकॉर्ड मिलने के बाद तथ्य जुटाएं जाएंगे और इसके बाद किसी-किस ईमित्रा से कितने विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति दिलाने की जांच की जाएगी। एसीबी की टीमें इस प्रकरण में गहन जांच पड़ताल में जुटी हुई है। विभाग से मिले कुछ रेकॉर्ड की गहनता से जांच कराई जा रही है। इसके साथ ही रेकॉर्ड के आधार पर यह भी पता लगाया जाएगा कि इसमें लेबर ऑफिस के कॉर्मिकों की तो कोई मिलीभगत नहीं है। यदि मिलीभगत पाई जाएगी तो कार्रवाई की जाएगी।


यह था मामला
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सूरतगढ़ के बाबा रामदेव मंदिर रोड पर स्थित श्रीश्याम लाइब्रेरी एवं ई- मित्रा के संचालक रमेश शर्मा को छात्रवृत्ति की राशि दिलाने के एवज में साढ़े तीन हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। जबकि इसी दुकान पर कम्प्यूटर ऑपरेटर बलराम उर्फ बालूराम छतरगढ़ पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया गया। वहीं श्रीगंगानगर की टीम ने लेबर कोर्ट में सामने स्थित लेबर कॉलोनी में कृष्णा ई मित्रा संचालक के हरी किशन पुत्र देवी लाल व महादेव ई मित्रा संचालक नरेश पुत्र जय प्रकाश को भी गिरफ्तार किया था। जो अभी न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे हैं। एसीबी इस संबंध में जांच कर रही है।


अभी पांच हजार आवेदन लंबित
- लेबर ऑफिस के अधिकारियों ने बताया कि करीब आठ हजार आवेदन आए हैं। इनमें से पांच हजार आवेदनों पर छात्रवृत्ति लंबित चल रही है। इनके लिए छह माह में दो बार ही बजट आया है। इसके चलते कुछ आवेदनों की प्रक्रिया विभागीय स्तर व कुछ की ईमित्रा के स्तर पर चल रही है।

Raj Singh Reporting
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