परिवार की डांट के बाद ट्रेन में बैठकर पंजाब से बालिका व सादुलशहर से एक बालक पहुंचा स्टेशन

बालक को परिजनों को सौंपा, बालिका आश्रम भेजी

 

By: Raj Singh

Published: 14 Sep 2019, 01:12 AM IST

श्रीगंगानगर. परिजनों की डांट-फटकार व परेशान किए जाने से आहत होकर बालक-बालिकाएं घर छोडकऱ चल देते हैं। इस तरह के मामले में हर माह सामने आते हैं। ऐसे ही दो मामले में रेलवे स्टेशन पर सामने आए हैं। जहां सातवीं कक्षा एक छात्र माता-पिता की डांट के बाद ट्रेन में बैठकर चल दिया। इसी प्रकार एक बालिका परिजनों से परेशान होकर चंडीगढ़ से ट्रेन बैठकर यहां पहुंच गई।


आरपीएफ थाना प्रभारी बीरबल यादव ने बताया कि गुरुवार दोपहर को एक बालका स्टेशन पर लावारिस हालत में मिली। जिसको पूछताछ की गई तो वह कुछ नहीं बता रही थी। बालिका से महिला पुलिसकर्मियों ने जानकारी ली तो पता चला कि वह गांव सवाल चंडीगढ़ पंजाब की रहने वाली है।

उसके माता-पिता नहीं है और उसकी सौतेले मौसी के पास रहती है। सौतेली मौसी उसको तंग व परेशान करती है। मौसम की प्रताडऩा से परेशान होकर वह घर से निकल गई और ट्रेनों में बैठकर यहां स्टेशन पर उतर गई। इस संबंध में पंजाब चंडीगढ़ आरपीएफ को सूचना भेजी गई है। बालिका को गुरुवार शाम को विवेक आश्रम में पहुंचाया गया है। इसके परिजनों का पता लगाया जा रहा है।


इसी प्रकार बुधवार को सादुलशहर के गांव धोलीपाट का एक सातवीं कक्षा का छात्र भी यहां ट्रेन में बैठकर स्टेशन पर पहुंच गया था। जिसको पुलिसकर्मियों ने अकेला देखकर ट्रेन से उतार लिया था। बालक से जब जानकारी ली गई तो उसने बताया कि माता-पिता की डांट के बाद वह घर से निकल गया और ट्रेन में बैठकर यहां पहुंच गया था।

पुलिसकर्मियों ने उसके परिजनों के बारे में जानकारी जुटाई और नंबर आदि लेकर उनको सूचना दी गई। बच्चे के परिजन रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और अपने बेटे को सहकुशल देखकर उससे लिपट गए। पुलिसकर्मियों ने परिजनों को बच्चे का ध्यान रखने की हिदायत व समझाइस करके सौंप दिया।

Raj Singh Reporting
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