ग्राम रक्षक के बाद थानों में अब सुरक्षा सखी, बच्चों व महिलाओं की समस्याओं का कराएंगी निराकरण

पुलिस महानिदेशक ने शुरू की थी नई पहल

By: Raj Singh

Published: 10 Sep 2021, 10:44 PM IST

श्रीगंगानगर. अब थानों में सीएलजी सदस्यों की तरह ही इलाके की महिलाओं व बच्चों की समस्याओं के निराकरण के लिए सुरक्षा सखी का गठन किया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक की ओर से महिलाओं व बच्चों की समस्याओं को लेकर इस नई पहल की शुरूआत की थी। इसके तहत थाना इलाके में बच्चों व महिलाओं की समस्याओं को पुलिस के साथ मिलकर दूर करना रहेगा। इसके लिए महिला अपराध अन्वेषण सेल के सीओ नरेन्द्र पूनिया नोडल अधिकारी बनाया गया है।

नोडल अधिकारी पूनियां ने बताया कि पुलिस महानिदेशक ने बच्चों व महिलाओं की समस्याओं के निराकरण के लिए एक नई पहल की है। जिसमें प्रत्येक थाने में सुरक्षा सखी का गठन किया जा रहा है। यह आदेश अप्रेल में जारी हुए थे और उस दौरान कोरोना की दूसरी लहर चल रही थी। बाद में इसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है और सभी थानों में इसका गठन किया गया है। इसके तहत महिला व बच्चों कानूनी जागरुकता, उनकी समस्याओं का समाधान, शिकायतों को थाने तक पहुंचाना, निराकरण कराना है। सभी थानों में नोडल अधिकारी थाना प्रभारी है। यदि महिला नहीं है तो थाना प्रभारी को इसमें एक महिला कांस्टेबल को शामिल करना होगा। सुरक्षा सखी का गठन शुरू हो चुका है और कोई भी इच्छुक महिला इससे जुड़ सकती है।

कौन बन सकती है सुरक्षा सखी

- सुरक्षा सखी के गठन में थाना इलाके की 15 से लेकर 70 साल तक की महिलाएं शामिल हो सकती है। जिनके खिलाफ कोई प्रकरण दर्ज नहीं हो और वे राजनीतिक आदि में शामिल नहीं हो। इसमें सभी विभागों की महिला कर्मचारी, गैर राजनीतिक संगठनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, सहयोगिनी, एएनएम, गृहिणी, छात्रा आदि कोई भी शामिल हो सकती है। ये कोई भी धर्म, जाति आदि से हो सकती हैं। थाने पर इनकी संख्या कितनी भी हो सकती है।

ये रहेंगे कार्य

- थानों में गठित होने वाली सुरक्षा सखियों के कार्य इलाके के बच्चों व महिलाओं का पुलिस से संवाद स्थापित करना, अप्रिय घटनाओं, छेड़छाड़, स्कूल-कॉलेज में जाने वाली महिलाओं व बच्चों को समस्याएं, घरेलू उत्पीडऩ , संदिग्धों, वांछितों, घरेलू हिंसा की जानकारी देना। समस्याओं का निस्तारण करवाना होगा। हर माह थाने में बैठक करना और रजिस्ट्रर संधारित करना होगा। थाना स्तर पर इनका वाट्सअप गु्रप बनेगा।

एसपी व सीओ करेंगे पर्यवेक्षण, समीक्षा

- जिले के थानों में होने वाली सुरक्षा सखी की बैठकों का पर्यवेक्षण तीन माह में इलाके के सीओ करेंगे। प्रत्येक छह माह के दौरान पुलिस अधीक्षक सुरक्षा सखी के गठन व उनके काम काज, सूचना, समस्याओं आदि की जानकारी की समीक्षा करेंगे और आगामी कार्य के लिए निर्देश देंगे।

इनका कहना है

- पुलिस महानिदेशक ने ग्राम रक्षक तरह ही एक नई पहल कर थाना इलाके में बच्चों व महिलाओं की समस्याओं एवं सुरक्षा आदि को लेकर सुरक्षा सखी गठन किया जा रहा है। इसके नोडल अधिकारी महिला अपराध एवं अन्वेषण सेल के सीओ है। इसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। सुरक्षा सखी का कार्य महिलाओं व बच्चों का पुलिस से संवाद स्थापित कराना है।

राजन दुष्यंत, पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर

Raj Singh Reporting
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