Video: और यहां घरों के ठीक सामने है ‘गंदा नाला’

वार्ड सात निवासी राकेश अंगी ने बताया कि उसकी दस वर्षीय बेटी हरगुण पिछले साल बरसात के दौरान नाले में गिर गई थी।

By: pawan uppal

Updated: 11 Dec 2017, 07:50 AM IST

श्रीकरणपुर.

कस्बे के अंतरिम छोर पर कई वार्डों से निकल रहा खुला नाला (गंदे नाले के नाम से प्रचलित) कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकता है। हालांकि, बच्चों के गिरने से जैसी कई घटनाएं यहां हुई हैं। वार्ड सात निवासी राकेश अंगी ने बताया कि उसकी दस वर्षीय बेटी हरगुण पिछले साल बरसात के दौरान नाले में गिर गई थी। किसी राहगीर ने उसे गिरते देख लिया तो भागकर उसकी जान बचाई। दीपक कालड़ा व गौरव मुंजाल ने बताया कि उनके घरों के नजदीक नाले में गिरने से कई बार बाइक व अन्य वाहन चालक चोटें खा चुके हैं। लेकिन सूरतगढ़ में चार वर्षीय मासूम साहिल की मौत की घटना के बाद यहां नाले के आसपास रहने वाले परिवारों भी सतर्क हो गए हैं। और उन्होंने इस संबंध में नगरपालिका प्रशासन को अवगत करवाया है। उधर, अधिशासी अधिकारी ने नाले का मौका मुआयना भी किया।

हो चुके कई हादसे...

वार्ड सात निवासी केशव खिरबाट, राजकुमार खिरबाट, वार्ड छह निवासी भजनलाल मुटनेजा, तेजासिंह ग्रोवर व पूर्व पार्षद बनवारीलाल मोंगा आदि ने बताया कि करीब दो फीट चौड़ा व साढ़े तीन फीट गहरा नाला बरसात के दौरान नदी बन जाता है। खुला होने से इसके किनारे बैठे परिवारों में छोटे बच्चों के लिए खतरे की आशंका बनी रहती है। किसी राहगीर ने उसे गिरते देख लिया तो भागकर उसकी जान बचाई। दीपक कालड़ा व गौरव मुंजाल ने बताया कि उनके घरों के नजदीक नाले में गिरने से कई बार बाइक व अन्य वाहन चालक चोटें खा चुके हैं।

‘नाले का मौका मुआयना किया है।

कई जगह पर नाले की गहराई महज दो फीट है। इसमें सुबह करीब एक फीट गहरा पानी बहता है। वहीं दोपहर में यह आठ ईंच तक रह जाता है। कई जगह गहराई ज्यादा है। सोमवार को जेईएन को साथ लेकर ज्यादा गहरे स्थान वाला क्षेत्र चिन्हित किया जाएगा। और बाद में वहां नाला ढकने की कार्रवाई होगी।’ लालचंद सांखला ईओ नगरपालिका श्रीकरणपुर।

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