मुआवजा नहीं मिलने पर भारत माला सडक़ निर्माण कार्य रोका

Ajay Bahadur | Updated: 14 Aug 2019, 07:49:37 PM (IST) Sri Ganganagar, Sri Ganganagar, Rajasthan, India

पीडि़त किसान धर्मा बावरी व उसके चार पुत्रों ने बताया कि एक तरफ मुआवजा नहीं दिया जा रहा। वहीं, दूसरी तरफ भारत माला सडक़ निर्माण करने वाली एजेंसी की ओर से सिंचाई खाळे तथा स्वीकृत रास्ते को बंद कर खेत में आने जाने में बाधा बन गई है।

किसानों ने बाइपास पर दिया धरना

घड़साना (श्रीगंगानगर). भारत माला ( Bharat Mala ) सडक़ निर्माण के लिए केन्द्र सरकार की ओर से अधिग्रहित कृषि भूमि का करीब चार माह पहले से स्वीकृत मुआवजा नहीं मिलने के विरोध में बुधवार को किसानों ने पुरानी मंडी घड़साना बाइपास पर निर्माण काम रोक ( construction stopped ) दिया। किसानों ने परिवार सहित बुधवार सुबह ही निर्माण स्थल पर पहुंच कर सडक़ निर्माण में लगी मशीनरी के आगे बैठ कर धरना शुरू कर दिया।
किसानों ने बताया कि चक एक जीडी के अनेक किसानों की कृषि भूमि को अधिग्रहित की गई थी। इनमें कई प्रभावशाली किसानों को प्रशासन ने तीन-चार माह पूर्व मुआवजा ( compensation ) बैंक खातों में जमा करा दिया। गरीब परिवार से जुड़े किसानों को प्रशासन बार-बार चक्कर लगाने के लिए मजबूर कर रहा है। पीडि़त किसानों ने बताया कि प्रशासन ने नाम तथा अन्य तरह की मामूली अशुद्धियों को ठीक करने के लि दस्तावेज, हल्फनामा आदि ले लिए। इसके बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं दिया जा रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि गरीब परिवार से जुड़े कई किसानों ने भूमि अधिग्रहित होने के बाद शेष भूमि को सिंचाई पानी से निर्माण कार्य के चलते बुवाई से वंचित कर दिया।

पीडि़त किसान धर्मा बावरी व उसके चार पुत्रों ने बताया कि एक तरफ मुआवजा नहीं दिया जा रहा। वहीं, दूसरी तरफ भारत माला सडक़ निर्माण करने वाली एजेंसी की ओर से सिंचाई खाळे तथा स्वीकृत रास्ते को बंद कर खेत में आने जाने में बाधा बन गई है। धरने पर भीयांराम, सुखराम, सलावत खां, हेतराम, चंदूड़ी देवी, सिरमीदेवी, गुमानाराम सहित अन्य पीडि़त किसानों ने निर्माण कार्य में लगी मशीनरी के आगे बैठकर पहिए थाम दिए। निर्माण एजेंसी ने समझाइश की तो किसान तैश में आ गए और आत्महत्या की चेतावनी दे दी। इसके बाद ठेकेदार व कर्मचारी वहां से चलते बने। इधर प्रशासन पटवारी को मौके पर भेजा।

इस संबंध में एसडीएम संजू पारीक ने बताया कि भारत माला सडक़ निर्माण के लिए अधिग्रहित कृषि भूमि के मुआवजा वितरण के लिए राजस्व विभाग ने ए, बी, सी श्रेणी तय कर रखी है। बिलकुल विवाद नहीं होने वाली भूमि को ए तथा रिकार्ड दुरस्ती की खामी जैसे प्रकरण बी तथा न्यायालय में विवादस्पद विचाराधीन राजस्व मामलों को सी श्रेणी में रखा गया है। ए व बी श्रेणी के वाले किसानों को मुआवजा अतिशीघ्र बैंक खातों में जमा करा दिया जाएगा।

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